WhatsApp पर बिक रही थी विदेशी शराब! ग्राहक बनकर पहुंची टीम, ऐसे खुला करोड़ों के नेटवर्क का राज
भोपाल में आबकारी विभाग ने विदेशी शराब की अवैध होम डिलीवरी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है. पति पत्नी समेत चार आरोपी गिरफ्तार हुए हैं. भारी मात्रा में शराब और चार वाहन जब्त कर नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है.
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आबकारी विभाग ने विदेशी शराब की अवैध बिक्री और होम डिलीवरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है. कार्यवाही के दौरान पति-पत्नी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया.
आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में विदेशी शराब और कई वाहन भी बरामद हुए हैं. शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह व्हाट्सएप के जरिए ऑर्डर लेकर शहर के कई पॉश इलाकों में बाजार से कम कीमत पर शराब पहुंचाता था.
व्हाट्सएप से चलता था पूरा कारोबार
आबकारी विभाग के अनुसार आरोपी अरेरा कॉलोनी, चार इमली और अन्य प्रमुख इलाकों में विदेशी शराब की सप्लाई करते थे. ग्राहक व्हाट्सएप पर ऑर्डर देते थे और गिरोह बाजार कीमत से 40 से 50 प्रतिशत कम दाम पर शराब घर तक पहुंचा देता था. शुरुआती जांच में हर दिन करीब पांच लाख रुपये की शराब बेचने की जानकारी सामने आई है.
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ग्राहक बनकर किया गया खुलासा
असिस्टेंट एक्साइज कमिश्नर वीरेंद्र सिंह धाकड़ ने बताया कि टीम ने ग्राहक बनकर करीब दो लाख रुपये की शराब का ऑर्डर दिया. डिलीवरी देने पहुंचे मुख्य आरोपी राहुल यादव को लालघाटी इलाके से गिरफ्तार किया गया. पूछताछ के बाद त्रिलंगा स्थित उसके घर पर छापा मारा गया, जहां से 552 बल्क लीटर विदेशी शराब और थार समेत चार वाहन जब्त किए गए.
जांच में सामने आए नए सुराग
कार्यवाही के दौरान राहुल यादव, उसकी पत्नी प्रीति, अनिल शाक्य और चंचल साहू को गिरफ्तार किया गया. जांच में आर्मी कैंटीन में मिलने वाली शराब भी बरामद हुई. कई बोतलों पर किसी राज्य की लेबलिंग नहीं मिली. इससे विभाग को अवैध सप्लाई नेटवर्क के और बड़े होने की आशंका है.
कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं तार
प्रारंभिक जांच के अनुसार यह शराब आगरा और ग्वालियर के रास्ते भोपाल लाई जाती थी. बीच के कई शहरों में भी इसकी आपूर्ति किए जाने की आशंका है. विभाग अब पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों और सप्लाई चैन की जानकारी जुटा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और कार्रवाई की जाएगी.
पहले भी पकड़ा जा चुका है मुख्य आरोपी
आबकारी अधिकारियों के मुताबिक मुख्य आरोपी राहुल यादव पहले भी अवैध शराब के मामले में गिरफ्तार हो चुका है. उस समय उसके पास से करीब 20 लाख रुपये की शराब बरामद हुई थी. विभाग अब पुराने मामलों को भी नए नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रहा है, ताकि पूरे गिरोह का खुलासा किया जा सके.