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Bhopal Phone Snatching: भोपाल के VVIP इलाके में IG इंटेलिजेंस के फोन छीनकर भागे बदमाश, डेटा लीक होने की आशंका

Bhopal Phone Snatching: भोपाल के वीवीआईपी इलाके चार इमली में इंटेलिजेंस इंस्पेक्टर जनरल डॉ. आशीष के दो फोन बाइक सवार बदमाशों ने लूट लिए. एक फोन बरामद हो गया, लेकिन दूसरा अब भी लापता है, जिसमें संवेदनशील डेटा होने की आशंका है. घटना ने हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
Bhopal Phone Snatching: भोपाल के VVIP इलाके में IG इंटेलिजेंस के फोन छीनकर भागे बदमाश, डेटा लीक होने की आशंका
Courtesy: Grok AI

Bhopal Phone Snatching: भोपाल के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में से एक चार इमली में मंगलवार देर रात हुए मोबाइल फोन स्नैचिंग की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यह इलाका वीवीआईपी क्षेत्र है जहां मंत्री, वरिष्ठ आईएएस और शीर्ष पुलिस अधिकारी रहते हैं. इसी क्षेत्र में इंटेलिजेंस इंस्पेक्टर जनरल डॉ. आशीष के दो मोबाइल फोन बदमाशों ने छीन लिए.

घटना रात करीब 10 बजे की है जब डॉ. आशीष पत्नी के साथ डिनर के बाद टहल रहे थे. इसी दौरान बाइक सवार दो बदमाश अचानक आए और उनके हाथ से दोनों मोबाइल झपटकर फरार हो गए. घटना इतनी तेजी से हुई कि अधिकारी और उनकी पत्नी प्रतिक्रिया भी नहीं कर सके. घटना के लगभग 20 मिनट बाद पुलिस को एक फोन पास ही फेंका हुआ मिला. आशंका है कि बदमाशों ने फोन पर पुलिस यूनिफॉर्म की तस्वीर देखकर और उसमें मौजूद सिक्योरिटी फीचर्स को समझकर उसे छोड़ दिया. हालांकि दूसरा फोन अभी तक लापता है, जिसमें संवेदनशील और गोपनीय जानकारी होने की आशंका जताई जा रही है.

जांच में आया सामने

जांच में सामने आया है कि गुमशुदा फोन की लोकेशन चूनाभट्टी इलाके में ट्रेस हुई है, जो कोलार गेस्ट हाउस के पास बताया जा रहा है. पुलिस की कई टीमें सक्रिय होकर उसकी तलाश और अपराधियों की पहचान में जुटी हैं. इस घटना ने हाई-सिक्योरिटी जोन की खामियों को उजागर कर दिया है। चार इमली क्षेत्र में चौबीसों घंटे सुरक्षा व्यवस्था रहती है क्योंकि यहां वीवीआईपी लोग रहते हैं। इसके बावजूद बदमाशों द्वारा इस इलाके में वारदात को अंजाम देना सुरक्षा तंत्र पर सवाल खड़े करता है।

उच्च स्तर से मॉनिटर

अधिकारियों का कहना है कि यदि वरिष्ठ अधिकारी का निजी फोन गलत हाथों में चला गया और उसमें मौजूद संवेदनशील डेटा का दुरुपयोग हुआ, तो यह बड़ी सुरक्षा चूक साबित हो सकती है. यही कारण है कि इस मामले की जांच उच्च स्तर से मॉनिटर की जा रही है. फिलहाल, पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं कि डेटा ब्रीच न हो सके. बदमाशों का सुराग लगाने और गुमशुदा फोन को बरामद करने के लिए तकनीकी निगरानी और जमीनी स्तर पर दोनों तरीकों से काम हो रहा है.