'दुर्गा बनो..काली बनो.. बुर्के वाली कभी न बनो…’, धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू लड़कियों से की ये अपील
ग्वालियर में एक इवेंट में लड़कियों को लेकर धीरेंद्र शास्त्री का बयान आजकल चर्चा में है. उन्होंने आध्यात्मिक साधना, व्यवहार के बारे में बात की और युवाओं को सोशल मीडिया से दूर रहने के लिए प्रोत्साहित किया.
ग्वालियर: बागेश्वर धाम के मुख्य पुजारी धीरेंद्र शास्त्री ने एक बार फिर लड़कियों से अपील की कि दुर्गा बनो, काली बनो लेकिन बुर्के वाली कभी मत बनना. उन्होंने यह बात मध्य प्रदेश के ग्वालियर के डबरा में आयोजित नवग्रह शक्ति पीठ के प्रतिष्ठा महोत्सव में कही. महोत्सव के दूसरे दिन कथा के दौरान शास्त्री ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'मेरी सहेली बेकार थी, 'अरे, नकटी, दुर्गा, काली, त्रिपुर सुंदरी बेटियों, तुम दुर्गा बनो, तुम काली बनो लेकिन बुर्के वाली कभी नहीं.'
शास्त्री ने संगत के असर पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि जवान लोग अक्सर अपनी हालत के लिए अपनी संगत को दोष देते हैं. हालांकि, राम के राज में मंथरा के न सुधरने और रावण के राज में विभीषण के न सुधरने का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि संगत का असर तभी होता है जब इंसान में अंदर से कमी हो. शास्त्री ने कहा कि सिर्फ सत्संग सुनने से जिंदगी नहीं सुधरती, बल्कि उसे अपनी जिंदगी में अपनाने से जिंदगी सुधरती है.
पुजारी धीरेंद्र शास्त्री ने आगे क्या समझाया?
उन्होंने समझाया कि हनुमानजी पर विश्वास करने से नहीं, बल्कि उनकी शिक्षाओं पर चलने से आशीर्वाद मिलता है. जैसे बुझे हुए दीये को जलते हुए दीये के पास रखने से वह फिर से जल उठता है, वैसे ही सत्संग भी एक जलता हुआ दीया है और जब कोई इंसान सत्संग में जाता है, तो वह भी रोशन हो जाता है. मन में मौजूद एंटीवायरस को खत्म करने के लिए सत्संग जरूरी है.
कैसे मिलती है सफलता?
यह समझाते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने अच्छे व्यवहार पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि अच्छा व्यवहार भगवान को पाने की ओर ले जाता है. उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे 'इंस्टा रील्स' के पीछे अपनी जिंदगी बर्बाद न करें. शास्त्री के अनुसार सफलता 'रील जैसे' व्यवहार से नहीं बल्कि असल जिंदगी में पढ़ाई करने से मिलती है.
उन्होंने यह भी कहा कि अगर 18 से 25 साल का कोई युवा इस समय में भटकता नहीं है, तो वह कभी नहीं भटकेगा, लेकिन जो इस उम्र में भटक जाता है वह कभी सुधरता नहीं है.
कौन - कौन था कथा में शामिल?
पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, BJP प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और फिल्म एक्टर आशुतोष राणा भी कार्यक्रम में शामिल हुए. नवग्रह शक्तिपीठ के दर्शन करने के बाद एक्टर आशुतोष राणा आध्यात्मिक अनुभव से अभिभूत हो गए. उन्होंने मंदिर की अनोखी बनावट, वैज्ञानिक नींव और आध्यात्मिक महत्व की तारीफ करते हुए इसे मध्य भारत की अनोखी विरासत बताया.
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