होली में शराब के शौकीनों की बल्ले-बल्ले, सरकार ने एक साथ 6 बोतल ले जाने की दी छूट

हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने नई आबकारी नीति के तहत शराब परिवहन और बिक्री के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं. अब यात्रा के दौरान शराब की 6 बोतलें ले जाने की अनुमति होगी और क्यूआर कोड के जरिए अवैध शराब पर लगाम कसी जाएगी.

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Kanhaiya Kumar Jha

शिमला: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने राज्य की नई आबकारी नीति के माध्यम से शराब के शौकीनों और पर्यटन क्षेत्र के लिए नियमों में एक युगांतरकारी बदलाव का ऐलान किया है. सरकार ने न केवल शराब की कीमतों और मार्जिन में संशोधन किया है, बल्कि यात्रा के दौरान शराब ले जाने की सीमा को भी तीन गुना बढ़ा दिया है. इस नीति का मुख्य उद्देश्य अवैध शराब की बिक्री पर नकेल कसना और राज्य के राजस्व में इजाफा करना है.

नई आबकारी नीति का सबसे चर्चित हिस्सा यात्रा के दौरान शराब ले जाने के नियमों में दी गई ढील है. अब तक प्रदेश में एक व्यक्ति अपने साथ केवल दो बोतलें ही ले जा सकता था, लेकिन अब इस सीमा को बढ़ाकर छह बोतल कर दिया गया है. नए नियमों के अनुसार, एक व्यक्ति एक बार में 750 एमएल की छह बोतलें या 1000 एमएल की पांच बोतलें अपने साथ रख सकता है. 

बीयर प्रेमियों के लिए भी राहत की खबर है. अब वे 650 एमएल की 24 बोतलें या 5-5 लीटर के तीन कैन तक साथ ले जा सकेंगे. हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह अनुमति केवल हिमाचल प्रदेश में खरीदी गई शराब पर ही लागू होगी, जिस पर एक्साइज ड्यूटी राज्य में ही चुकाई गई हो.

अवैध शराब और राजस्व पर नजर: क्यूआर कोड की अनिवार्यता 

नकली शराब के कारोबार को जड़ से मिटाने के लिए सुक्खू सरकार ने तकनीक का सहारा लिया है. अब शराब की हर बोतल पर क्यूआर कोड (QR Code) अंकित होगा. इससे न केवल शराब की ट्रैकिंग आसान होगी, बल्कि ग्राहक भी इसकी प्रामाणिकता की जांच कर सकेंगे. सरकार का मानना है कि इस पारदर्शी व्यवस्था से अवैध बिक्री पर रोक लगेगी और राजस्व में भारी वृद्धि होगी.

देसी शराब और पाउच पर पाबंदी: सुरक्षा मानकों में सख्ती 

सरकार ने देसी शराब की गुणवत्ता और उसकी पैकेजिंग को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है. अब देसी शराब केवल उन्हीं बोतलों में भरी जाएगी जिन्हें आबकारी आयुक्त द्वारा मंजूरी दी गई होगी. हर बोतल पर होलोग्राम जैसे निर्धारित सुरक्षा चिह्न लगाना अनिवार्य होगा. सबसे महत्वपूर्ण बदलाव देसी शराब की पाउच में बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध है. हालांकि, पंजाब और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए आयुक्त के पास सीमित अधिकार होंगे, लेकिन प्राथमिकता सुरक्षा मानकों को ही दी जाएगी.

घरेलू और सामाजिक समारोहों के लिए नया कोटा 

पारिवारिक और सामाजिक आयोजनों के लिए भी सरकार ने स्पष्ट सीमाएं तय कर दी हैं. अब विशेष परमिट के तहत शादियों या अन्य घरेलू फंक्शन्स में 72 बोतल शराब और 78 बीयर परोसने की अनुमति होगी. सरकार का यह कदम उत्सवों के दौरान होने वाली अव्यवस्था को रोकने और कानूनी दायरे में शराब की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है.