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India Daily

राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने छुए हिंदू धर्मगुरु के पैर? वायरल वीडियो पर ईरानी दूतावास ने दी सफाई

दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य महाराज का एक वीडियो वायरल हुआ, जिस पर ईरानी दूतावास ने भ्रामक दावों को खारिज करते हुए अपनी सफाई दी है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने छुए हिंदू धर्मगुरु के पैर? वायरल वीडियो पर ईरानी दूतावास ने दी सफाई
Courtesy: @Aizazdinho

नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में राष्ट्रपति पेजेश्कियन एक हिंदू धर्मगुरु के सामने नीचे झुकते हुए नजर आ रहे हैं. इंटरनेट पर कई यूजर्स ने दावा किया कि ईरानी राष्ट्रपति ने भारतीय आध्यात्मिक गुरु के चरण स्पर्श किए हैं. हालांकि, इस पर विवाद बढ़ने के बाद ईरानी दूतावास ने पूरी स्थिति स्पष्ट की है.

ईरानी दूतावास की ओर से दी गई सफाई

इरानी दूतावास के सूत्रों ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि वीडियो को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है. दूतावास के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान एक अन्य नेता ने राष्ट्रपति पेजेश्कियन को एक पत्र दिया था, जो गलती से उनके हाथ से नीचे गिर गया. राष्ट्रपति केवल उस पत्र को उठाने के लिए नीचे झुके थे. दूतावास ने स्पष्ट किया कि उन्होंने धर्मगुरु के पैर नहीं छुए और सोशल मीडिया पर इस क्लिप का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है.

कौन हैं जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य महाराज?

वीडियो में दिख रहे आध्यात्मिक गुरु उत्तर प्रदेश के कानपुर (कल्याणपुर) स्थित 'प्रेमेश्वर धाम' के पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य महाराज हैं. उन्हें साल 2023 में निर्वाणी, निर्मोही और दिगंबर अनी अखाड़ों द्वारा 'जगद्गुरु' की उपाधि दी गई थी. उन्हें वेदों और हिंदू शास्त्रों में निपुणता के लिए जाना जाता है. स्वामजी ने बताया कि वे ईरानी राजदूत डॉ. मोहम्मद फथाली के निमंत्रण पर नई दिल्ली के 'द ओबेरॉय' होटल में आयोजित एक विशेष रात्रिभोज में शामिल हुए थे.

दिल्ली में धार्मिक व सामाजिक नेताओं से संवाद

ब्रिक्स सम्मेलन के सिलसिले में भारत दौरे पर आए ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन और विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दिल्ली में विभिन्न धार्मिक नेताओं, बुद्धिजीवियों और व्यापारिक प्रतिनिधियों से मुलाकात की. इस कार्यक्रम का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और जन-संबंधों को बढ़ावा देना था. इस बैठक में हुर्रियत कांफ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक, शिया धर्मगुरु आगा सैयद हसन मोसवी अल सफवी, इमरान रजा अंसारी और जैन मुनि आचार्य लोकेश मुनि भी उपस्थित थे.