बेंगलुरु: बेंगलुरु के एक स्टार्टअप के संस्थापक पीयूष शर्मा ने अपनी कंपनी में लागू की गई मेंस्ट्रुअल लीव नीति से जुड़ा अनुभव साझा किया है. उन्होंने बताया कि शुरुआत में कंपनी की आर्थिक और संचालन संबंधी चुनौतियों के कारण इस नीति को लागू नहीं किया गया था, लेकिन कंपनी के विकास के साथ कर्मचारियों की मांग पर इसे लागू किया गया. कर्मचारियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया ने इस फैसले को लेकर उनकी सोच भी बदल दी.
पीयूष शर्मा, जो हाउस ऑफ क्रिएटर्स और वायरल विचार के संस्थापक हैं, उन्होंने लिंक्डइन पर बताया कि स्टार्टअप के शुरुआती दिनों में वह अपने सह संस्थापकों जतिन और राधिका के साथ गोवा में कंपनी खड़ी कर रहे थे. उस दौरान उन्होंने देखा कि राधिका को हर महीने मासिक धर्म के दौरान तेज दर्द होता था, जिससे उनकी कार्यक्षमता प्रभावित होती थी. वहीं दूसरी ओर, जब किसी कर्मचारी को बुखार होता था तो उसे बिना किसी सवाल के बीमारी की छुट्टी मिल जाती थी.
इसी अनुभव के बाद संस्थापकों ने करीब दो घंटे तक मेंस्ट्रुअल लीव नीति पर चर्चा की. हालांकि उस समय उन्होंने इसे लागू नहीं किया क्योंकि नई कंपनी होने के कारण अतिरिक्त नीतियों का खर्च उठाना संभव नहीं था.
करीब तीन साल बाद जब कंपनी का विस्तार हुआ तो कई महिला कर्मचारियों ने दोबारा इस विषय को उठाया. कर्मचारी निकिता ने औपचारिक रूप से मेंस्ट्रुअल लीव लागू करने का प्रस्ताव रखा. इसके बाद लगभग छह महीने पहले कंपनी ने नई नीति लागू की, जिसके तहत महिला कर्मचारी हर वर्ष चार दिन तक मेंस्ट्रुअल लीव बिना किसी स्पष्टीकरण के ले सकती हैं.
पीयूष शर्मा ने स्वीकार किया कि उन्हें शुरुआत में यह नीति पूरी तरह संतोषजनक नहीं लगी क्योंकि मासिक धर्म हर महीने होता है और साल में केवल चार दिन की छुट्टी पर्याप्त नहीं मानी जा सकती. इसी वजह से उन्होंने लंबे समय तक इस नीति को सार्वजनिक भी नहीं किया.
बाद में एक सहकर्मी श्रुति से बातचीत के दौरान उनकी सोच बदली. श्रुति ने बताया कि एक बड़ी तकनीकी कंपनी में काम करने वाली उनकी मित्र यह जानकर हैरान थीं कि तीन साल पुराने स्टार्टअप ने मेंस्ट्रुअल लीव की सुविधा शुरू कर दी, जबकि उनकी कंपनी में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी.
कंपनी के आंतरिक संदेशों में भी कर्मचारियों ने इस पहल की सराहना की. कई कर्मचारियों ने कहा कि उन्होंने वर्षों की नौकरी में पहली बार किसी कंपनी को ऐसी सुविधा देते देखा है. कुछ ने माना कि चार दिन पर्याप्त नहीं हैं, लेकिन इसे एक सकारात्मक शुरुआत बताया. कर्मचारियों ने इसे कंपनी की संवेदनशील कार्य संस्कृति का हिस्सा बताते हुए स्वागत किया.