कर्नाटक में जनता की फरियाद सुनने पहुंचे विधायक, बोले ‘अर्जी दो और निकलो’; अब बवाल

कर्नाटक के पावागड़ा तालुक में जन शिकायत कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस विधायक एचवी वेंकटेश का एक वीडियो सामने आया है. इसमें वे एक स्थानीय निवासी से अपनी शिकायत बताने के बजाय आवेदन देकर चले जाने को कहते सुनाई दे रहे हैं.

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Reepu Kumari

कर्नाटक में लोगों की समस्याएं सीधे सुनने के लिए आयोजित जन शिकायत कार्यक्रम का एक वीडियो चर्चा में है. पावागड़ा के विधायक एचवी वेंकटेश पर आरोप है कि उन्होंने अपनी समस्या लेकर पहुंचे एक स्थानीय निवासी को पूरी बात रखने का मौका नहीं दिया. वायरल वीडियो में विधायक उस व्यक्ति से आवेदन देने और वहां से चले जाने की बात कहते नजर आ रहे हैं. घटना ने उस कार्यक्रम के उद्देश्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसका मकसद जनता की शिकायतें सीधे सुनना था.

क्या है मामला?

यह मामला पावागड़ा तालुक के वाईएन होसाकोटे का बताया जा रहा है. यहां मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की पहल ‘प्रजा सेवा अभियान’ के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इसी दौरान रामज्जिनप्पा नाम का एक स्थानीय निवासी करीब तीन एकड़ सरकारी जमीन से जुड़ी शिकायत लेकर विधायक के पास पहुंचा. उसका आरोप था कि जमीन पर अतिक्रमण कर मकान बनाए गए हैं. वह इस मामले में सुरक्षा और कार्रवाई की मांग को लेकर आवेदन लेकर आया था.

शिकायत सुनने के बजाय जाने को कहा

सामने आए वीडियो में रामज्जिनप्पा विधायक के सामने अपनी बात रखने की कोशिश करते दिखाई देते हैं. इसी दौरान एचवी वेंकटेश कथित तौर पर उन्हें आवेदन देने के बाद चले जाने को कहते हैं. विधायक की ओर से यह भी कहा जाता सुनाई देता है कि वह दोबारा बोल रहे हैं और बाहर जाएं. बातचीत के दौरान विधायक द्वारा निवासी को जवाबी तौर पर बात नहीं करने की चेतावनी देने की बात भी सामने आई है.


सरकारी जमीन को लेकर थी शिकायत

रामज्जिनप्पा वाईएन होसाकोटे के रहने वाले हैं. वह सेंटे मैदान की करीब तीन एकड़ सरकारी जमीन को लेकर शिकायत करने पहुंचे थे. उनका आरोप था कि इस जमीन पर अतिक्रमण किया गया है और वहां घर बना दिए गए हैं. इसी समस्या को अधिकारियों और विधायक के सामने रखने के लिए उन्होंने याचिका तैयार की थी. उनका उद्देश्य कथित अतिक्रमण से जुड़ी समस्या पर सुनवाई और सरकारी जमीन की सुरक्षा की मांग करना था.

‘प्रजा सेवा अभियान’ पर उठे सवाल

यह घटना इसलिए ज्यादा चर्चा में है क्योंकि कार्यक्रम का उद्देश्य ही जनता तक पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनना था. ‘प्रजा सेवा अभियान’ के तहत विधायकों से लोगों से सीधे मिलने और उनकी शिकायतें सुनने की अपेक्षा की जाती है.