सीकर में 30 फीट गहरे गड्ढे में दबा मजदूर, सीवरेज लाइन डालते समय मिट्टी ढहने से मौत

सीकर में सीवरेज लाइन का काम एक मजदूर के लिए जानलेवा साबित हुआ. करीब 30 फीट गहरे गड्ढे में काम करते समय अचानक मिट्टी धंसने से 22 वर्षीय मजदूर दब गया. साथी मजदूरों ने तत्काल बचाव अभियान चलाकर उसे बाहर निकाला, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी.

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Shanu Sharma

राजस्थान के सीकर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में योजना नगर इलाके में सोमवार को एक बड़ी घटना घटी. गोविंदम गार्डन के पीछे सीवरेज पाइप लाइन डालने का काम चल रहा था. पाइप बिछाने के लिए जमीन में करीब 30 फीट गहरा गड्ढा बनाया गया था, जिसमें कई मजदूर काम कर रहे थे.

इसी दौरान उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद का रहने वाला 22 साल का मजदूर अर्जुन सिंह भी गड्ढे के भीतर मिट्टी हटाने का काम कर रहा था. अर्जुन सिंह वीरसिंह का बेटा था और सीवरेज लाइन के काम में अन्य मजदूरों के साथ लगा हुआ था.

पाइपों के बीच अचानक धंसी मिट्टी

मिली जानकारी के मुताबिक हादसे के समय गड्ढे में सीवरेज के करीब दो से तीन पाइप पहले ही डाले जा चुके थे. अर्जुन इन्हीं पाइपों के बीच मौजूद जगह में काम कर रहा था. तभी अचानक मिट्टी का एक हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा और अर्जुन उसके नीचे दब गया. मिट्टी गिरते ही मौके पर मौजूद मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई.


मिट्टी गिरने के तुरंत बाद ही वहां काम कर रहे अन्य मजदूरों ने बिना समय गंवाए राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया. मजदूरों ने हाथों से मिट्टी हटाकर अर्जुन को बाहर निकाला. मलबे से बाहर निकालने के बाद अर्जुन को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. वहां चिकित्सकों ने उसकी जांच की, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. डॉक्टरों ने अर्जुन को मृत घोषित कर दिया. हालांकि अभी तक मौत के पीछे का सटीक कारण पता नहीं चला है. शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है, जिसके बाद ही यह साफ हो पाएगा कि आखिर मौत किस वजह से हुई.

पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया

हादसे की सूचना मिलने के बाद कोतवाली थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची. पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां मौजूद लोगों से हादसे के संबंध में जानकारी जुटाई. एएसआई मदन सिंह महला के अनुसार, गड्ढे में काम करने के दौरान मिट्टी ढहने से अर्जुन उसके नीचे दब गया था. साथी मजदूरों ने तुरंत मिट्टी हटाकर उसे बाहर निकाल लिया. पुलिस के अनुसार, अगर बचाव कार्य में थोड़ी भी देरी होती तो मिट्टी के और अधिक दबाव में आने से स्थिति गंभीर हो सकती थी.