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मुस्लिम प्रिंसिपल को हटाने के लिए स्कूल की पानी की टंकी में मिलाया जहर, खतरे में पड़ी कई मासूम छात्रों की जान

कर्नाटक के बेलागावी जिले में एक सरकारी स्कूल की पानी की टंकी में जहर मिलाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यह साजिश स्कूल के मुस्लिम प्रिंसिपल को हटाने के लिए रची गई थी. पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें श्री राम सेना का एक स्थानीय नेता भी शामिल है. इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है.

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Edited By: Antima Pal
मुस्लिम प्रिंसिपल को हटाने के लिए स्कूल की पानी की टंकी में मिलाया जहर, खतरे में पड़ी कई मासूम छात्रों की जान
Courtesy: social media

Karnataka School Water Poisoned: कर्नाटक के बेलागावी जिले में एक सरकारी स्कूल की पानी की टंकी में जहर मिलाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यह साजिश स्कूल के मुस्लिम प्रिंसिपल को हटाने के लिए रची गई थी. पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें श्री राम सेना का एक स्थानीय नेता भी शामिल है. इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है.

मुस्लिम प्रिंसिपल को हटाने के लिए स्कूल की पानी की टंकी में मिलाया जहर

14 जुलाई को हुलिकट्टी गांव के सरकारी लोअर प्राइमरी स्कूल में यह घटना हुई. जांच में पता चला कि टंकी में कीटनाशक मिलाया गया था, जिसके बाद 11 बच्चे बीमार पड़ गए. बच्चों ने पानी से बदबू आने की शिकायत की थी, जिसके बाद स्कूल के प्रिंसिपल सुलैमान गोरिनायक और अन्य शिक्षकों ने तुरंत कार्रवाई की. इससे बड़ा हादसा टल गया, लेकिन बीमार बच्चों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया. सभी बच्चे अब स्वस्थ हैं.

तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में सागर पाटिल, नगनगौड़ा पाटिल और कृष्णा मदार को गिरफ्तार किया है. सागर पाटिल श्री राम सेना के सावदत्ती तालुक के अध्यक्ष हैं. जांच में खुलासा हुआ कि इन लोगों ने प्रिंसिपल सुलैमान गोरिनायक को बदनाम करने और उनकी ट्रांसफर करवाने के लिए यह खतरनाक योजना बनाई थी. पुलिस के अनुसार सागर और नगनगौड़ा ने कृष्णा मदार को ब्लैकमेल कर इस साजिश में शामिल किया. कृष्णा ने एक पांचवीं कक्षा के छात्र को चॉकलेट और 500 रुपये देकर टंकी में जहर डालने के लिए उकसाया.

कर्नाटक सीएम ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है. उन्होंने इसे धार्मिक नफरत और कट्टरता से प्रेरित "जघन्य कृत्य" बताया. उन्होंने कहा कि यह घटना सांप्रदायिक सौहार्द के लिए गंभीर खतरा है और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी. पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिंदलगा जेल में न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.