बेंगलुरु के एक शांत रिहायशी इलाके में 30 मार्च की सुबह एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी, और कुछ ही देर बाद उसकी पत्नी ने इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली. यह मामला सिर्फ एक दुखद हादसा नहीं, बल्कि आधुनिक जिंदगी के दबाव, करियर की अनिश्चितता और रिश्तों की जटिलता की एक गहरी कहानी भी है.
भानु चंदर रेड्डी एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे, जो पहले अमेरिका में सालान 1 करोड़ के सैलरी पैकेज पर नौकरी कर रहे थे लेकिन कंपनी में एआई के बढ़ते इस्तेमाल के कारण उनकी नौकरी चली गई. पिछले एक साल से उनके पास कोई नौकरी नहीं थी. करीब एक साल तक नौकरी न मिलने से वह मानसिक रूप से टूटने लगे. अमेरिका के बाद उन्होंने कनाडा में भी नौकरी ढूंढी लेकिन वे असफल रहे. अंततः उन्हें भारत लौटना पड़ा, जहां हालात और मुश्किल हो गए.
भानु की पत्नी शाजिया भी हैदराबाद में नौकरी करती थीं लेकिन बाद में उन्होंने इस्तीफा दे दिया था. हालांकि कुछ समय बाद उन्हें आईबीएम में नौकरी मिल गई थी. जानकारी के मुताबिक भानु डिप्रेशन की समस्या से जूझ रहे थे और उनका इलाज चल रहा था. माना जा रहा है कि इसी तनाव के कारण उन्होंने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली.
भानु और शाजिया एक-दूसरे को बचपन से जानते थे और बाद में उन्होंने शादी कर ली. हालांकि, यह इंटरफेथ मैरिज थी, जिसे दोनों ने अपने परिवार से छुपाकर रखा. भानु की मां ने शादी की बात सुनने के बाद उनसे दूरी बना ली, जिससे वह भावनात्मक रूप से टूट गए. वहीं, शाजिया भी अपने परिवार को सच्चाई बताने से डरती रहीं.
पति की मौत देखने के बाद शाजिया खुद को संभाल नहीं पाईं. उन्होंने अपनी मां को कॉल करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी. इसके बाद उन्होंने मैसेज भेजकर अपनी शादी का सच बताया और माफी मांगी. कुछ ही देर बाद उन्होंने 17वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी.
पुलिस को मिले सुसाइड नोट में भानु ने अपने हालात के लिए खुद को जिम्मेदार बताया और पत्नी से न्याय न कर पाने का अफसोस जताया. दोनों के शव एक ही एंबुलेंस में अंतिम संस्कार के लिए भेजे गए. परिवार ने पहले इसका विरोध किया, लेकिन बाद में मान गए, मानो यह उनकी आखिरी ख्वाहिश हो.