राजौरी: जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा के पास शुक्रवार रात संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन की गतिविधि सामने आने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं. नौशेरा सेक्टर के रुमलीधारा इलाके के पास तीन ड्रोन भारतीय हवाई क्षेत्र में दाखिल होते दिखाई दिए. भारतीय सेना के जवानों ने उन्हें समय रहते पहचान लिया और तत्काल ड्रोन रोधी प्रणालियां सक्रिय कर दीं. कार्रवाई के बाद तीनों ड्रोन सीमा पार लौटने को मजबूर हो गए.
ड्रोन के वापस जाने के बाद सेना ने एहतियात के तौर पर नियंत्रण रेखा से सटे इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया. सुरक्षा बल यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि ड्रोन के जरिए कोई संदिग्ध वस्तु, हथियार या अन्य सामग्री तो नहीं गिराई गई. सूत्रों के अनुसार सेना ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया है. इस घटना के बाद क्षेत्र में निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी गई है.
सूत्रों के अनुसार नौशेरा सेक्टर के रुमलीधारा इलाके के पास सुबह करीब 8.05 बजे तीन ड्रोन भारतीय हवाई क्षेत्र में आते दिखाई दिए. 22वीं जम्मू और कश्मीर राइफल्स के जवानों ने इनकी गतिविधि पर तुरंत नजर रखी. खतरे को देखते हुए ड्रोन रोधी प्रणालियां सक्रिय कर दी गईं. सेना की तेजी से की गई कार्रवाई के बाद तीनों ड्रोन वापस सीमा पार चले गए.
ड्रोन के लौटने के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया. इसका उद्देश्य किसी संभावित घुसपैठ या ड्रोन से गिराई गई संदिग्ध सामग्री की मौजूदगी का पता लगाना था. नियंत्रण रेखा के पास होने के कारण सुरक्षा बल किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं करना चाहते. जवानों ने आसपास के क्षेत्र में सावधानी के साथ तलाशी ली और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखा.
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार पाकिस्तानी सेना द्वारा ड्रोन का इस्तेमाल भारतीय सैनिकों की गतिविधियों पर नजर रखने और आतंकियों की घुसपैठ में मदद के लिए किए जाने की आशंका रहती है. सुरक्षा बल पहले भी ऐसे प्रयासों को नाकाम कर चुके हैं. राजौरी की घटना से पहले इस सप्ताह कठुआ जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास भी पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने की जानकारी सामने आई थी.
अधिकारियों के अनुसार कठुआ के हीरानगर सेक्टर में बोबियान इलाके के अग्रिम गांवों के ऊपर एक ड्रोन मंडराता हुआ देखा गया था. कुछ समय बाद वह पाकिस्तान की ओर लौट गया. इसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चलाया. जवानों ने यह जांच की कि कहीं ड्रोन से हथियार, नशीले पदार्थ या कोई अन्य संदिग्ध सामग्री तो नहीं गिराई गई. तलाशी में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला.
लगातार सामने आ रही ड्रोन गतिविधियों के बीच भारतीय सेना क्षेत्र में पूरी तरह सतर्क है. सेना ने स्पष्ट किया है कि जवान किसी भी पाकिस्तानी दुस्साहस को विफल करने के लिए तैयार हैं. इसी बीच गुरुवार को उत्तरी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने दक्षिण कश्मीर में सैनिकों की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने जवानों से बातचीत कर बदलती सुरक्षा परिस्थितियों और परिचालन चुनौतियों पर चर्चा की.
उत्तरी कमान के अनुसार सेना कमांडर ने सैनिकों के उच्च मनोबल और पेशेवर रवैये की सराहना की. उन्होंने जवानों को सक्रिय, परिस्थितियों के अनुसार तेजी से प्रतिक्रिया देने वाला और हर मिशन के लिए तैयार रहने का संदेश दिया. सेना के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. राजौरी में ड्रोन देखे जाने के बाद सुरक्षा बलों की निगरानी और सतर्कता पर विशेष जोर बना हुआ है.