चप्पल में छिपी थी 'मौत', चोट से नहीं चला पता, जहरीले सांप के काटने से गई शख्स की जान, खुद भी मरा मिला

बेंगलुरु में 41 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सांप के काटने से मौत हो गई. यह हादसा तब हुआ जब जहरीला सांप उनके घर के बाहर रखी चप्पल में घुस गया था. हादसे की दर्दनाक बात यह रही कि पीड़ित पहले हुए एक हादसे की वजह से अपने पैर में संवेदना खो चुके थे, जिस कारण उन्हें सांप के डसने का एहसास तक नहीं हुआ.

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Kuldeep Sharma

बेंगलुरु का राघवेंद्र लेआउट इस हफ्ते एक दर्दनाक घटना का गवाह बना. यहां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में काम करने वाले 41 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर मन्जु प्रकाश की मौत सांप के काटने से हो गई. यह हादसा उनके लिए और भी खतरनाक साबित हुआ क्योंकि एक पुराने एक्सीडेंट की वजह से उनके पैर में सुन्नपन था और उन्हें डसने का अहसास नहीं हुआ.

जानकारी के अनुसार शनिवार शाम मन्जु प्रकाश घर से कुछ ही दूरी पर जूस लेने गए थे. लौटकर जब उन्होंने बाहर रखी अपनी क्रॉक्स चप्पल पहनी, तो उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उसी चप्पल में जहरीला सांप छिपा हुआ है. जैसे ही उन्होंने पैर डाला, सांप ने उन्हें डस लिया. मगर पैर की संवेदना खत्म होने के कारण वे दर्द महसूस नहीं कर पाए और आराम करने के लिए सीधे अपने कमरे में चले गए.

परिवार को कैसे पता चला

घर लौटने के बाद मन्जु ने चप्पल उतार दी और कमरे में जाकर बिस्तर पर लेट गए. इस बीच घर के एक कामगार ने चप्पल में सांप को देखा और तुरंत उनके पिता को जानकारी दी. सावधानी बरतते हुए पिता ने चप्पल से सांप को बाहर निकाला. तब पता चला कि सांप मर चुका है, संभवतः चप्पल के भीतर घुटन के कारण. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.

मां ने देखा बेटे की हालत

कुछ देर बाद जब मन्जु की मां कमरे में गईं, तो उन्होंने बेटे को बिस्तर पर बेहोश पाया. उनके मुंह से झाग निकल रहा था और पैर से खून बह रहा था. परिवार तुरंत उन्हें नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया. इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और पूरे इलाके में सन्नाटा छा गया.

बढ़ते खतरे और चेतावनी

यह हादसा इलाके के लोगों के लिए चेतावनी साबित हुआ है. विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में सांप अक्सर घरों, बगीचों और कोनों में शरण लेने लगते हैं. ऐसे में सावधानी बेहद जरूरी है. लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे जूते-चप्पल पहनने से पहले उन्हें अच्छी तरह झाड़ लें और अंधेरे कोनों की समय-समय पर जांच करते रहें. यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है.