बेंगलुरु में सामने आया यह मामला न सिर्फ एक आर्थिक धोखाधड़ी है, बल्कि भरोसे और रिश्तों के नाम पर रची गई गहरी साजिश की कहानी भी है. एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट से शुरू हुआ रिश्ता शादी के वादे, बड़े कारोबार और करोड़ों की संपत्ति के दावों तक पहुंचा. धीरे-धीरे पीड़िता और उसका परिवार इस भरोसे में फंसता चला गया. जब सच्चाई सामने आई, तब तक करोड़ों रुपये हाथ से निकल चुके थे.
व्हाइटफील्ड की रहने वाली 29 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर नव्या श्री की मुलाकात मार्च 2024 में ओक्कालिगा मैट्रिमोनी साइट पर विजय राज गौड़ा उर्फ विजेथ बी से हुई. विजय ने खुद को VRG एंटरप्राइजेज का मालिक बताते हुए क्रशर, लॉरी, जमीन और आलीशान संपत्तियों का दावा किया. उसने 715 करोड़ की संपत्ति और पुराने ईडी केस से जुड़ा दस्तावेज दिखाकर भरोसा जीत लिया.
विजय ने नव्या को शादी का भरोसा दिलाया और दावा किया कि उसने अपने परिवार को भी इस रिश्ते के बारे में बता दिया है. अप्रैल 2024 में बैंक खाते की समस्या बताकर उसने पहले 15 हजार रुपये उधार लिए. इसके बाद उसने बिजनेस में साझेदारी के नाम पर लोन लेने और दोस्तों से पैसे जुटाने के लिए नव्या को राजी कर लिया.
विजय ने अपने पिता, मां और बहन से नव्या की मुलाकात करवाई. पिता ने खुद को रिटायर्ड तहसीलदार बताया और चेक देकर भरोसा दिलाया. इस दौरान नव्या के दोस्तों ने भी निवेश किया. अलग-अलग किश्तों में लाखों रुपये दिए गए. जब पैसे लौटाने की बात आई, तो विजय ने अदालत और बैंक खातों के फ्रीज होने की दलील दी.
विजय ने नव्या के माता-पिता को भी अपने जाल में फंसा लिया. कोर्ट के कागज दिखाकर उसने उनका भरोसा जीता. दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच पिता से 10.5 लाख और मां से 18 लाख रुपये लिए गए, जिसमें रिटायरमेंट फंड भी शामिल था. इसके अलावा गहनों के बदले 10 लाख और भाई-बहनों से 5 लाख रुपये भी लिए गए.
जब नव्या पैसे मांगने विजय के घर पहुंची, तो सच्चाई सामने आ गई. विजय पहले से शादीशुदा था और उसका एक बच्चा भी है. जिसे वह बहन बताता था, वही उसकी पत्नी निकली. शिकायत के अनुसार, विजय और उसके परिवार ने मिलकर यह धोखाधड़ी की और पैसे मांगने पर धमकियां भी दीं. पुलिस ने धोखाधड़ी और साजिश का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.