बेंगलुरु: बेंगलुरु की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर ट्रैफिक नियम तोड़ना आम बात मानी जाती है. रेड लाइट जंप करना, गलत दिशा में गाड़ी चलाना और बिना हेलमेट बाइक चलाना यहां रोज की समस्या है. इसी परेशानी से तंग आकर एक युवा इंजीनियर ने बहस या झगड़े का रास्ता छोड़कर तकनीक का सहारा लिया है. इस इंजीनियर ने अपने हेलमेट को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस कर ऐसा सिस्टम बनाया है, जो ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को सीधे पकड़वा रहा है.
यह अनोखा प्रयोग 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर पंकज तंवर ने किया है. पंकज बेंगलुरु में काम करते हैं और रोज ट्रैफिक में फंसकर नियमों की अनदेखी देखते थे. उन्होंने महसूस किया कि गुस्सा करने या लोगों से बहस करने से कुछ बदलने वाला नहीं है. इसके बाद उन्होंने तकनीक की मदद से समाधान निकालने का फैसला किया.
i was tired of stupid people on road so i hacked my helmet into a traffic police device 🚨
— Pankaj (@the2ndfloorguy) January 3, 2026
while i ride, ai agent runs in near real time, flags violations, and proof with location & no plate goes straight to police.
blr people - so now ride safe… or regret it. pic.twitter.com/lWaRO01Jaq
पंकज ने अपने हेलमेट पर एक कैमरा लगाया है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ा हुआ है. यह कैमरा सड़क पर हो रहे ट्रैफिक उल्लंघनों को रिकॉर्ड करता है. सिस्टम खुद यह पहचान लेता है कि कहां नियम तोड़े जा रहे हैं. इसके बाद सबूत के साथ यह जानकारी सीधे ट्रैफिक पुलिस तक भेज दी जाती है.
पंकज तंवर मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं और नौकरी के सिलसिले में बेंगलुरु आए थे. वह फिलहाल कडुबिसनहल्ली इलाके में रहते हैं. उन्होंने बताया कि रोज गलत ड्राइविंग देखकर उन्हें काफी परेशानी होती थी. इसी कारण उन्होंने एक ऐसा सिस्टम बनाने का सोचा, जो बिना किसी झगड़े के नियमों का पालन करवाने में मदद करे.
इस स्मार्ट हेलमेट सिस्टम में लॉजिटेक वेबकैम लगाया गया है, जो रास्पबेरी पाई नाम के छोटे कंप्यूटर से जुड़ा है. बाइक चलाते समय यह सिस्टम लाइव वीडियो को प्रोसेस करता है. एआई मॉडल हर फ्रेम को जांचता है और चार मुख्य उल्लंघनों की पहचान करता है. इनमें बिना हेलमेट बाइक चलाना, डिवाइडर कूदना, रेड लाइट तोड़ना और गलत दिशा में वाहन चलाना शामिल है.
गलत पहचान से बचने के लिए पंकज ने सिस्टम में कई स्तर की जांच रखी है. जब कोई उल्लंघन सामने आता है, तो उसे दोबारा अलग अलग एआई मॉडल से जांचा जाता है. इनमें ओपनएआई का जीपीटी और गूगल का जेमिनी जैसे मॉडल शामिल हैं. सभी स्तरों पर पुष्टि होने के बाद ही शिकायत पुलिस को भेजी जाती है. इस स्मार्ट हेलमेट ने बेंगलुरु में ट्रैफिक सुधार की नई उम्मीद जगाई है.