बेंगलुरु में 'प्रवासियों' के घरों में जबरन घुसने के आरोप में एक्टिविस्ट पुनीत केरेहल्ली अरेस्ट, दस्तावेज मांगने का वीडियो हुआ था वायरल

बेंगलुरु पुलिस ने खुद को एक्टिविस्ट बुलाने वाले पुनीत केरेहल्ली को गिरफ्तार कर लिया है. उनपर आरोप है कि उन्होंने प्रवासियों के घरों में बिना इजाजत के घुस गए और उनसे कागजात मांगने लगे.

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Shanu Sharma

कर्नाटक: बेंगलुरु के बैनरघट्टा इलाके से खुद को एक्टिविस्ट बुलाने वाले पुनीत केरेहल्ली को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस ने पुनित को प्रवासियों के घरों में घुसकर दस्तावेज मांगने के मामले में गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई बैनरघट्टा थाना क्षेत्र के बिंगीपुरा इलाके में की गई, जहां प्रवासी मजदूर अस्थायी झोपड़ियों और घरों में रह रहे थे. पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी जमीन मालिक सिद्धेश की शिकायत के आधार पर की गई है.

सिद्धेश ने पुनित के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाते हुए आरोप लगाया कि पुनीत केरेहल्ली बिना अनुमति उनके भूखंड पर पहुंचे और वहां रह रहे लोगों से जबरन पूछताछ करने लगे. उन्होंने आरोप लगाया कि अचानक दस्तावेज मांगने की वजह से इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई.

क्या है लोगों का आरोप?

पुनित ने शुक्रवार को बिंगीपुरा इलाके में पहुंचे और वहां रह रहे लोगों को संदिग्ध प्रवासी बताते हुए उनके कागजात मांगने लगे. स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक हुई इस कार्रवाई से प्रवासियों में डर का माहौल बन गया और कई लोग घबरा गए. वहीं, केरेहल्ली का दावा है कि वे अवैध प्रवासियों की पहचान करने के उद्देश्य से वहां गए थे और उन्होंने कोई गैरकानूनी काम नहीं किया.

बैनरघट्टा थाना पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी को अवैध गतिविधि की आशंका है, तो इसकी सूचना संबंधित प्रशासन या पुलिस को दी जानी चाहिए. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हमने शनिवार दोपहर पुनीत केरेहल्ली को अदालत में पेश किया. फिर रिहाई दे दी गई.

पुलिस ने शुरू की जांच 

पुलिस ने यह भी बताया कि जिस इलाके में घटना हुई, वहां रह रहे लोगों के नाम, पते और अन्य विवरणों की जांच की जा रही है. अधिकारियों के अनुसार, यह जांच प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत की जाएगी और किसी भी तरह की अवैध घुसपैठ या दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि प्रवासियों के पास आवश्यक दस्तावेज हैं या नहीं और वे कितने समय से वहां रह रहे हैं. घटना के बाद कुछ समय के लिए इलाके में तनाव का माहौल देखने को मिला. हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद स्थिति नियंत्रण में है.