पश्चिमी विक्षोभ के कारण पिछले तीन दिनों से झारखंड के कई राज्यों में तेज आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो रही है. जिसके कारण रबी फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है और किसानों की समस्या बढ़ गई है. मौसम विभाग ने बताया कि आज से मौसम साफ हो सकता है.
बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण राज्य में गेहूं, चना, मटर, सरसों, जौ और अलसी जैसी प्रमुख रबी फसलें प्रभावित हुई हैं. खेतों में जलजमाव हो गया और पक रही बालियां झड़ गईं. ओलावृष्टि से कई जगह फसलें बर्बाद हो गईं. सब्जियों की सड़ने की समस्या किसानों की चिंता बढ़ा दी है.
कोडरमा में गेहूं की फसल उजड़ गई, कटी दलहन-तिलहन खेत में रहने से सड़ने का खतरा है. गुमला में दलहन और सब्जियों के फल-फूल गलने की आशंका है. पलामू में तैयार गेहूं और मसूर की बालियां झड़ गईं. गिरिडीह के बगोदर में खेत-खलिहान ओलों से ढक गए. गोड्डा में जलजमाव से फसलें और सब्जियां खराब होने वाली हैं. दुमका जिले में मौसम का सबसे बुरा असर दिखा.
दलाही में ठनका गिरने से एक युवक की भी मौत की खबर मिल रही है. उसके साथ-साथ उसके पिता झुलस गए. इसके अलावा तेज हवाओं में बरगद का पेड़ गिरने से चार घर क्षतिग्रस्त हो गए. गोड्डा में आंधी और ओलावृष्टि से 11 मवेशियों की मौत की भी खबर सामने आई है. मौसम बिगड़ने के कारण बिजली भी प्रभावित हुई है, जिसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
मौसम विभाग रांची के अनुसार, पिछले 24 घंटों में रांची, सिमडेगा, खूंटी, गुमला, हजारीबाग, पश्चिमी सिंहभूम, लोहरदगा, पूर्वी सिंहभूम और साहिबगंज आदि जिलों में अच्छी बारिश हुई. रांची के हिनू इलाके में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई. बारिश के कारण तापमान में तेज गिरावट आई. रांची का न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से चार डिग्री कम है. पाकुड़ में अधिकतम तापमान 22.1 डिग्री तक गिरा, यानी 10 डिग्री की कमी. राज्य में सबसे अधिक तापमान सरायकेला का 32.1 डिग्री दर्ज हुआ. मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक अब सिस्टम कमजोर हो गया है. आज से मौसम बदलेगा और आसमान साफ होने की संभावना है.