घरेलू LPG उपभोक्ता 16 अगस्त से पहले करा लें E-KYC नहीं तो रुक सकती है गैस सब्सिडी, रांची में आज लगेगा शिविर
घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए ई केवाईसी कराना 16 अगस्त तक अनिवार्य है. रांची में शनिवार को विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां उपभोक्ता आसानी से अपनी ई केवाईसी पूरी कर सकते हैं.
रांची: घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए ई केवाईसी कराना अब अनिवार्य कर दिया गया है. गैस कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि 16 अगस्त तक ई केवाईसी पूरा नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को एलपीजी सब्सिडी का लाभ नहीं मिल सकेगा. इसी को ध्यान में रखते हुए शनिवार को रांची शहर की विभिन्न गैस एजेंसियों में विशेष ई केवाईसी शिविर लगाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता समय रहते अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकें.
इन विशेष शिविरों में उपभोक्ता आधार कार्ड, गैस उपभोक्ता संख्या और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर की सहायता से आसानी से ई केवाईसी करा सकेंगे. गैस एजेंसियों ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय पर शिविर में पहुंचकर इस सुविधा का लाभ उठाएं और अंतिम समय की भीड़ से बचें.
कितने लोगों का ई केवाईसी हो चुका है पूरा?
जानकारी के अनुसार झारखंड में अब तक लगभग 70 प्रतिशत एलपीजी उपभोक्ताओं का ई केवाईसी पूरा हो चुका है. हालांकि अभी भी करीब 30 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है. ऐसे उपभोक्ताओं को 16 अगस्त से पहले ई केवाईसी कराना जरूरी होगा, अन्यथा उनकी गैस सब्सिडी प्रभावित हो सकती है.
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गैस कंपनियों का क्या है कहना?
गैस कंपनियों का कहना है कि ई केवाईसी अभियान का मुख्य उद्देश्य वास्तविक लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करना और सब्सिडी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है. इससे फर्जी गैस कनेक्शनों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और सरकारी सहायता केवल पात्र उपभोक्ताओं तक पहुंचेगी.
अधिकारियों ने क्या बताया?
अधिकारियों ने बताया कि ई केवाईसी पूरी होने के बाद उपभोक्ताओं को गैस रिफिल, सब्सिडी और अन्य सेवाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के मिलता रहेगा. इसलिए सभी उपभोक्ताओं को तय समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है.
गैस एजेंसियों का यह भी कहना है कि अंतिम दिनों में भीड़ बढ़ने की संभावना है. ऐसे में उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द नजदीकी गैस एजेंसी या विशेष शिविर में जाकर ई केवाईसी करवा लेना चाहिए. इससे समय की बचत होगी और भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा.