Jharkhand SIR: रांची में वोटर लिस्ट से नाम हटने पर मचा हड़कंप, दूसरे राज्यों से आए लोगों को दिखाना होगा स्थायी प्रमाण पत्र

रांची में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान हटाए गए नामों को लेकर सुनवाई जारी है. दूसरे राज्यों से झारखंड आकर बसे मतदाताओं को पूर्व राज्य का स्थायी प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे.

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Km Jaya

रांची: रांची में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के दौरान प्रारंभिक मतदाता सूची से हटाए गए नामों को लेकर सुनवाई की प्रक्रिया जारी है. नाम हटाए गए मतदाताओं को संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी यानी ईआरओ की ओर से नोटिस जारी किया गया है. 

नोटिस में नाम हटाए जाने की तिथि और संबंधित स्थान की जानकारी दी गई है. नोटिस मिलने के बाद मतदाता निर्धारित समय पर अंचल कार्यालय पहुंचकर अपना पक्ष रख रहे हैं.

क्या है प्रक्रिया?

प्रशासन के अनुसार सुनवाई के दौरान मतदाताओं को अपने दावे के समर्थन में जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे. खास तौर पर दूसरे राज्यों से झारखंड आकर बसे लोगों को अपने पूर्व राज्य से संबंधित स्थायी प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज दिखाने का विकल्प दिया गया है. 


इसके अलावा वर्तमान स्थायी निवासी प्रमाण पत्र भी अंचल अधिकारी यानी सीओ के माध्यम से बनवाया जा सकता है. इसे वंशावली के साथ जमा कर सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किया जा सकता है.

अधिकारियों ने क्या बताया?

अधिकारियों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों की तुलना में नोटिस पाने वाले मतदाताओं की संख्या में कमी आई है. गुरुवार को सुनवाई के लिए कुल 200 मतदाताओं को समय दिया गया था. इनमें से 140 मतदाता सुनवाई के लिए उपस्थित हुए. प्रशासन की ओर से दस्तावेजों की जांच के बाद संबंधित दावों पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है.

प्रशासन ने क्या की है व्यवस्था?

एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान प्रमाण पत्र बनवाने में लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए भी प्रशासन ने व्यवस्था की है. जाति, आय, स्थानीय निवासी और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तीन महीने तक ऑनलाइन व्यवस्था की गई है. इसका फायदा खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिल सकता है. ग्रामीण मतदाता ऑनलाइन माध्यम से आय प्रमाण पत्र समेत अन्य जरूरी प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं.

कार्मिक और प्रशासनिक विभाग के अनुसार जिलों में इन प्रमाण पत्रों के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आने से लंबित आवेदनों का दबाव बढ़ गया था. इसके कारण लोगों को प्रमाण पत्र मिलने में समय लग रहा था. आवेदकों की सुविधा और समय पर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अब आफलाइन प्रक्रिया को भी मंजूरी दी गई है.

प्रशासन का कहना है कि मतदाता सूची से संबंधित सुनवाई में दस्तावेजों का सही तरीके से प्रस्तुत किया जाना महत्वपूर्ण है. जिन लोगों को नोटिस जारी हुआ है, उन्हें निर्धारित तिथि पर संबंधित कार्यालय में उपस्थित होकर अपने दावे के समर्थन में उपलब्ध दस्तावेज जमा करने होंगे. इससे उनके नाम से जुड़े मामले की जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकेगी.