कौन है पाकिस्तान का लश्कर कमांडर यासिर, जिसे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने किया ढेर
यूसमर्ग में सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में पाकिस्तानी लश्कर-ए-तैयबा कमांडर यासिर मारा गया. वह पहले सुलेमान मूसा ग्रुप का हिस्सा था.
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के यूसमर्ग इलाके में शनिवार को सुरक्षाबलों को आतंकवाद विरोधी अभियान में बड़ी कामयाबी मिली. संयुक्त सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में पाकिस्तानी लश्कर-ए-तैयबा कमांडर यासिर मारा गया. सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, यासिर पहले लश्कर के प्रमुख सुलेमान मूसा ग्रुप का हिस्सा था, लेकिन करीब एक साल पहले वह इस ग्रुप से अलग हो गया था.
ग्रुप से अलग होने के बाद यासिर यूसमर्ग इलाके में अलग तरीके से गतिविधियां चला रहा था. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह इलाके में लश्कर के एक प्रमुख कमांडर के तौर पर सक्रिय था. सुरक्षाबल काफी समय से उसकी गतिविधियों और आतंकी नेटवर्क पर नजर रख रहे थे.
इलाके में चल रहा तलाशी अभियान
शनिवार को यूसमर्ग इलाके में सुरक्षाबलों का सामना यासिर से हुआ. इसके बाद इलाके में मुठभेड़ शुरू हो गई. सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर कार्रवाई की और मुठभेड़ के दौरान यासिर को मार गिराया. अभियान के बाद सुरक्षा एजेंसियां इलाके में तलाशी अभियान चला रही हैं.
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सुरक्षा एजेंसियां अब यासिर के आतंकी नेटवर्क और उसके संपर्कों की जांच कर रही हैं. यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह लश्कर के किन आतंकियों के संपर्क में था और हाल के दिनों में किसी आतंकी गतिविधि या हमले की योजना में उसकी क्या भूमिका थी.
सुरक्षा सूत्रों ने क्या बताया?
सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक यासिर का संबंध पहले सुलेमान मूसा ग्रुप से था. सुलेमान मूसा को सुरक्षा एजेंसियां पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड के तौर पर देखती थीं. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, सुलेमान मूसा पिछले साल डाचीगाम में सुरक्षाबलों के साथ हुई कार्रवाई में मारा गया था.
इससे पहले शुक्रवार को मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में भी सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. इस कार्रवाई में पाकिस्तानी नागरिक होने के संदिग्ध एक आतंकी को मार गिराया गया था. इलाके में एक अन्य संदिग्ध आतंकी के छिपे होने की आशंका के चलते तलाशी अभियान जारी था.
अधिकारियों ने क्या बताया?
अधिकारियों के मुताबिक, यह अभियान भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त रूप से चलाया था. सुरक्षाबलों ने पुंछ के अशदर गली से यूसमर्ग होते हुए पुलवामा के पाखेरपोरा की ओर बढ़ रहे संदिग्ध आतंकियों के एक ग्रुप की गतिविधियों को ट्रैक किया था.
सेना ने पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के ऊंचाई वाले पहाड़ी दर्रों से गुजर रहे इस ग्रुप की गतिविधियों पर नजर रखी थी. इसके बाद 1 सितंबर को इलाके में घेराबंदी की गई थी. 3 सितंबर को अशदर गली में सुरक्षाबलों का आतंकियों से संपर्क हुआ था. इसके बाद से इलाके में आतंकवाद विरोधी अभियान तेज किया गया है.