ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा नया रोजगार, होम स्टे खोलने पर सरकार देगी ₹2.5 लाख प्रति कमरे की सब्सिडी
झारखंड सरकार ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए होम स्टे योजना को बढ़ावा दे रही है. इसके तहत महिलाओं को होम स्टे संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा और प्रति कमरे 2.5 लाख रुपये तक की सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी.
रांची: झारखंड सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और पहल करने जा रही है. सरकार अब गांवों में महिलाओं को होम स्टे संचालन से जोड़ने की तैयारी कर रही है. इस योजना के तहत महिलाओं को प्रशिक्षण देने के साथ प्रति कमरे 2.5 लाख रुपये तक की सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी. इसके जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है. ग्रामीण विकास विभाग महिलाओं को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रखना चाहता. विभाग लगातार ऐसे नए रोजगार के अवसर तलाश रहा है, जिनसे महिलाओं की नियमित आय बढ़ सके. इसी सोच के तहत होम स्टे, नोटबुक निर्माण और तसर सिल्क जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई ताकत
ग्रामीण विकास विभाग का मानना है कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से गांवों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. इसी उद्देश्य से महिलाओं को अलग-अलग स्वरोजगार गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है. विभाग पहले ही नोटबुक और कॉपी निर्माण जैसे कार्यों में महिलाओं को अवसर दे चुका है, जहां एक कॉपी पर उन्हें छह से आठ रुपये तक का लाभ मिल रहा है.
खेती के साथ नए रोजगार पर रहेगा फोकस
सरकार चाहती है कि ग्रामीण महिलाएं खेती के अलावा अन्य आर्थिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाएं. इससे उनकी आय के नए स्रोत विकसित होंगे और आजीविका के बेहतर अवसर मिलेंगे. इसी दिशा में तसर सिल्क उत्पादन से भी महिलाओं को जोड़ने की तैयारी की जा रही है. बड़ी संख्या में महिलाएं पहले से इस क्षेत्र में काम कर रही हैं और अब उन्हें संगठित करने की योजना बनाई जा रही है.
Also Read
होम स्टे संचालन का मिलेगा प्रशिक्षण
नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के दौरान पर्यटन विकास विभाग की योजनाओं में होम स्टे नीति को प्राथमिकता दी गई. इसके बाद ग्रामीण विकास विभाग ने फैसला किया कि दूरदराज के गांवों की महिलाओं को होम स्टे संचालन के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा. प्रशिक्षण के जरिए उन्हें इस क्षेत्र में रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा.
प्रति कमरे मिलेगी ₹2.5 लाख की सब्सिडी
राज्य सरकार ने होम स्टे योजना के तहत प्रति कमरे 2.5 लाख रुपये की सब्सिडी देने का प्रावधान किया है. इसके साथ ही ब्याज सब्सिडी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी. सरकार का कहना है कि महिलाओं द्वारा संचालित होम स्टे को अन्य आवश्यक सुविधाएं भी दी जाएंगी, ताकि वे इस क्षेत्र में आसानी से काम शुरू कर सकें.
महिला उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है. ग्रामीण क्षेत्रों में होम स्टे जैसी योजनाओं के विस्तार से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. विभाग का मानना है कि इससे महिलाओं की आय बढ़ेगी और ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी.