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India Daily

रांची की अवनी केजरीवाल को CBSE के री-इवैल्यूएशन में मिले 24 अतिरिक्त अंक, 500 में 500 स्कोर कर बनीं टॉपर

रांची की छात्रा अवनी केजरीवाल ने सीबीएसई कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा 2026 में री-इवैल्यूएशन के बाद 500 में 500 अंक हासिल कर एक नई मिसाल कायम की है. प्रारंभिक परिणाम में 95.2 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली अवनी ने अपने प्रदर्शन पर भरोसा जताते हुए पुनर्मूल्यांकन कराया, जिसके बाद उनका स्कोर पूर्णांक तक पहुंच गया.

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Edited By: Shanu Sharma
रांची की अवनी केजरीवाल को CBSE के री-इवैल्यूएशन में मिले 24 अतिरिक्त अंक, 500 में 500 स्कोर कर बनीं टॉपर
Courtesy: X (@chandresh1912, @DhananjayPutush)

झारखंड की राजधानी रांची की एक छात्रा ने सीबीएसई कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा 2026 में ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने शिक्षा जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. दिल्ली पब्लिक स्कूल  सेल टाउनशिप, धुर्वा की छात्रा अवनी केजरीवाल ने पुनर्मूल्यांकन के बाद 500 में से 500 अंक प्राप्त कर कॉमर्स स्ट्रीम के शीर्ष विद्यार्थियों में अपनी जगह बना ली है.

यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि प्रारंभिक परिणाम में उन्हें 95.2 प्रतिशत अंक मिले थे. हालांकि यह स्कोर भी उत्कृष्ट था, लेकिन अवनी को अपने प्रदर्शन पर पूरा विश्वास था और उन्होंने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने का फैसला किया.

आत्मविश्वास ने दिलाई ऐतिहासिक सफलता

13 मई को घोषित परिणामों के बाद अवनी का परिवार अच्छे अंकों से संतुष्ट था, लेकिन छात्रा को महसूस हुआ कि उसकी मेहनत और लिखे गए उत्तरों के अनुरूप अंक नहीं मिले हैं. इसी विश्वास के आधार पर उन्होंने री-इवैल्यूएशन का विकल्प चुना. पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिणाम चौंकाने वाले रहे. अवनी को इंग्लिश कोर, अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज, इकोनॉमिक्स और एप्लाइड मैथमेटिक्स सहित सभी पांच मुख्य विषयों में 100-100 अंक प्राप्त हुए. 

घंटों नहीं, लक्ष्यों पर था फोकस

अपनी सफलता के पीछे की रणनीति बताते हुए अवनी ने कहा कि उन्होंने कभी पढ़ाई के घंटों की गणना नहीं की. उनकी पूरी तैयारी लक्ष्य-आधारित रही. उन्होंने बताया कि हर दिन दो या तीन निर्धारित विषयों या टॉपिक्स को पूरा करना उनका मुख्य उद्देश्य होता था. समय कितना लगा, यह उनके लिए महत्वपूर्ण नहीं था.

उनका मानना है कि नियमितता और अनुशासन किसी भी छात्र को सफलता तक पहुंचा सकते हैं. अवनी ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का सीमित और जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने की सलाह भी दी. उनके अनुसार, डिजिटल प्लेटफॉर्म का अत्यधिक उपयोग पढ़ाई की एकाग्रता को प्रभावित कर सकता है.

परिवार और शिक्षकों को दिया सफलता का श्रेय

अवनी ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और मेंटर सचित सर को दिया. उन्होंने कहा कि परिवार और शिक्षकों के निरंतर सहयोग ने उन्हें कठिन समय में भी प्रेरित किया और बेहतर प्रदर्शन के लिए उत्साहित किया. उनकी सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है. शैक्षणिक उपलब्धि के बाद अब अवनी की नजरें उच्च शिक्षा और करियर पर हैं. वह बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई करना चाहती हैं और CUET-UG 2026 परीक्षा में भी शामिल हो चुकी हैं. भविष्य में वह एक सफल उद्यमी बनना चाहती हैं और अपना खुद का व्यवसाय स्थापित करने का सपना देख रही हैं.