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CISF में नया ड्रेस कोड लागू, अब जवान और अधिकारी ज्यादा आराम से करेंगे ड्यूटी

यह बदलाव खासकर लंबी ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के लिए राहत भरा है. CISF के जवान और अधिकारी रोजाना 10 से 12 घंटे तक ड्यूटी करते हैं. पहले शर्ट को पैंट के अंदर रखने और बेल्ट लगाने की वजह से वर्दी बहुत टाइट हो जाती थी. हथियार लेकर ड्यूटी करना, घूमना-फिरना और खाना-पीना भी मुश्किल हो जाता था.

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Antima Pal

बोकारो: केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने अपने जवानों और अधिकारियों के लिए ड्रेस कोड में बड़ा बदलाव किया है. अब कर्मी अपनी यूनिफॉर्म की शर्ट को पैंट के बाहर रखकर ड्यूटी कर सकेंगे. बेल्ट लगाना भी जरूरी नहीं होगा. यह नया नियम 27 जुलाई 2026 से पूरे देश में CISF की सभी इकाइयों में लागू हो गया है, जिसमें बोकारो स्टील प्लांट भी शामिल है.

यह बदलाव खासकर लंबी ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के लिए राहत भरा है. CISF के जवान और अधिकारी रोजाना 10 से 12 घंटे तक ड्यूटी करते हैं. पहले शर्ट को पैंट के अंदर रखने और बेल्ट लगाने की वजह से वर्दी बहुत टाइट हो जाती थी. हथियार लेकर ड्यूटी करना, घूमना-फिरना और खाना-पीना भी मुश्किल हो जाता था. खासकर महिला कर्मियों को इस टाइट ड्रेस कोड की वजह से ज्यादा परेशानी होती थी. नया नियम पुरुष और महिला दोनों के लिए लागू है.

क्या-क्या बदला है नया ड्रेस कोड में?

शर्ट और पैंट: अब शर्ट को पैंट के बाहर रखा जा सकता है। बेल्ट लगाना अनिवार्य नहीं है.


टोपी: कर्मी अपनी सुविधा के अनुसार ब्रिट कैप या मंकी कैप में से कोई भी एक पहन सकते हैं.

जूते: तीन नए विकल्प दिए गए हैं – जंगल बूट, हाई एंकल टैक्टिकल बूट और डर्बी शू। सभी जूते सिर्फ काले रंग के होने चाहिए.

पहले अगर कोई जवान या अधिकारी शर्ट बाहर रखकर ड्यूटी करता था तो विभागीय कार्रवाई होती थी. अब यह पूरी तरह वैध है.

क्यों जरूरी था बदलाव?

CISF के जवानों को संवेदनशील औद्योगिक प्रतिष्ठानों, हवाई अड्डों, मेट्रो स्टेशनों और परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है. लंबे समय तक टाइट वर्दी में ड्यूटी करने से थकान जल्दी हो जाती थी. खाना खाने में भी दिक्कत होती थी. नया ड्रेस कोड इन समस्याओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है. अब कर्मी ज्यादा आरामदायक महसूस करेंगे और उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ेगी.

CISF अधिकारियों के अनुसार इस बदलाव से बल के मनोबल में इजाफा होगा. खासकर गर्मियों में यह नियम बहुत फायदेमंद साबित होगा. महिला कर्मियों को सबसे ज्यादा लाभ मिलने की उम्मीद है क्योंकि उन्हें पहले टाइट ड्रेस कोड में ज्यादा असुविधा होती थी.