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नीट एग्जाम में बड़ी लापरवाही, हिंदी माध्यम के छात्रों को 5 घंटे तक नहीं मिला प्रश्न पत्र

हिंदी माध्यम से परीक्षा देने वाले 48 छात्रों को प्रश्न पत्र ही नहीं दिए गए, जिसके कारण उन्हें करीब पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा. रविवार 3 मई को निर्धारित समय दोपहर 2 बजे परीक्षा शुरू होनी थी, लेकिन योध सिंह नामधारी महिला महाविद्यालय के कमरा नंबर 11 में बैठे छात्रों को पेपर नहीं दिया गया.

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Edited By: Antima Pal
नीट एग्जाम में बड़ी लापरवाही, हिंदी माध्यम के छात्रों को 5 घंटे तक नहीं मिला प्रश्न पत्र
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नीट यूजी परीक्षा के दौरान झारखंड के पलामू जिले में एक गंभीर घटना सामने आई है. यहां हिंदी माध्यम से परीक्षा देने वाले 48 छात्रों को प्रश्न पत्र ही नहीं दिए गए, जिसके कारण उन्हें करीब पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा. रविवार 3 मई को निर्धारित समय दोपहर 2 बजे परीक्षा शुरू होनी थी, लेकिन योध सिंह नामधारी महिला महाविद्यालय के कमरा नंबर 11 में बैठे छात्रों को पेपर नहीं दिया गया. इस केंद्र पर कुल 360 छात्र परीक्षा देने पहुंचे थे. 

नीट एग्जाम में बड़ी लापरवाही

जब एक घंटे तक इंतजार के बाद भी कुछ नहीं हुआ तो छात्रों का धैर्य टूट गया. वे कक्षा से बाहर निकल आए और हंगामा करने लगे. बाहर इंतजार कर रहे अभिभावकों ने भी जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. हालात बिगड़ते देख पुलिस और मजिस्ट्रेट को बुलाया गया. अधिकारियों ने छात्रों को समझाया और स्थिति को नियंत्रित किया.

हिंदी माध्यम के छात्रों को 5 घंटे तक नहीं मिला प्रश्न पत्र

आखिरकार शाम 6:55 बजे, यानी निर्धारित समय से लगभग पांच घंटे देरी के बाद इन 48 छात्रों की परीक्षा शुरू की गई. छात्रों ने आरोप लगाया कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है. एक छात्र ने बताया- 'हम पांच घंटे तक बिना कुछ खाए-पिए बैठे रहे. इतनी देरी के बाद मन और शरीर दोनों थक चुके थे.'

क्यों हुई देरी?

अभी तक इसकी आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है. सूत्रों का कहना है कि हिंदी माध्यम के प्रश्न पत्र पहुंचने में देरी हुई. सभी प्रभावित छात्र हिंदी में परीक्षा दे रहे थे. परीक्षा केंद्र पर इस गड़बड़ी की खबर फैलते ही छात्रों और अभिभावकों में आक्रोश फैल गया. कई अभिभावकों ने कहा कि बच्चों का पूरे साल का मेहनत इस लापरवाही की वजह से प्रभावित हो सकता है. 

जांच के आदेश

जिला प्रशासन ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों ने कहा कि पूरी घटना की रिपोर्ट तैयार की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी. नीट जैसी बड़ी परीक्षा में इस तरह की लापरवाही चिंताजनक है. छात्र लंबे समय से तैयारी करते हैं और एक दिन की गलती उनके पूरे करियर पर असर डाल सकती है. इस घटना से नीट परीक्षा की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. कई लोग सोशल मीडिया पर इसकी निंदा कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि प्रभावित छात्रों को उचित राहत दी जाए.