झारखंड में पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का बड़ा प्रदर्शन, बैरिकेड तोड़कर विधानसभा की ओर बढ़े

झारखंड के छात्रों का पेपर लीक विरोध प्रदर्शन एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है. हजारों छात्र आज सुबह ट्रेन, बस और अन्य साधनों से राज्य की राजधानी रांची पहुंचे. वे भर्ती परीक्षाओं में सुधार की मांग को लेकर विधानसभा की ओर मार्च कर रहे हैं.

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झारखंड: रांची में झारखंड के छात्रों का पेपर लीक विरोध प्रदर्शन एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है. हजारों छात्र आज सुबह ट्रेन, बस और अन्य साधनों से राज्य की राजधानी रांची पहुंचे. वे भर्ती परीक्षाओं में सुधार की मांग को लेकर विधानसभा की ओर मार्च कर रहे हैं.

झारखंड में पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का बड़ा प्रदर्शन

विभिन्न संगठनों के नेतृत्व में छात्र बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ रहे हैं. प्रशासन ने शहर में कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मुख्य चौराहों और संवेदनशील जगहों पर बैरिकेड लगाए हैं. पुलिस की भारी तैनाती की गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो, रांची के ज्यादातर स्कूल आज बंद रखे गए हैं.


छात्रों की संख्या नियंत्रित करने के लिए पुलिस जिला सीमाओं, मुख्य सड़कों और हाईवे पर बसों व निजी वाहनों की जांच कर रही है. फिर भी बड़ी संख्या में युवा राजधानी पहुंचने में सफल रहे.

बैरिकेड तोड़कर विधानसभा की ओर बढ़े

इस विरोध का मुख्य कारण झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं हैं. छात्र परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शन पिछले 16 दिनों से चल रहा है. सरकार द्वारा गठित पैनल के साथ कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन छात्र विरोध वापस लेने को राजी नहीं हुए. आज का मार्च इसी नाकामी के बाद हो रहा है.

इस बीच भाजपा के नेता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के बाहर भी प्रदर्शन कर रहे हैं. वे सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने में विफल रही है. प्रशासन ने पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. पुलिस बल जगह-जगह तैनात है. छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें मनवाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बैरिकेड तोड़ने की घटना से तनाव बढ़ा है.

यह प्रदर्शन झारखंड के कई जिलों से आए युवाओं की भागीदारी से और मजबूत हुआ है. वे चाहते हैं कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष हो और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई हो. सरकार की ओर से अभी तक कोई बड़ा फैसला सामने नहीं आया है.