रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है. इसी बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के बाहर बीजेपी विधायकों के प्रदर्शन को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है. कांग्रेस नेता और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने प्रदर्शन को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है.
रांची में मंत्री इरफान अंसारी ने आरोप लगाया कि 10 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के बाहर बीजेपी विधायकों का प्रदर्शन सामान्य राजनीतिक विरोध नहीं था, बल्कि इससे मुख्यमंत्री की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता था. अंसारी ने कहा कि विधानसभा का सत्र चल रहा था और मुख्यमंत्री अपने परिवार के साथ आवास पर मौजूद थे. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रदर्शन के दौरान कोई व्यक्ति सुरक्षा घेरा पार कर अंदर पहुंच जाता और कोई अप्रिय घटना हो जाती, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होती. उन्होंने इसे बेहद गंभीर सुरक्षा मामला बताया.
इरफान अंसारी ने कहा कि उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के सामने यह मुद्दा उठाया है और प्रदर्शन में शामिल बीजेपी विधायकों की पहचान कर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि राजनीतिक विरोध का अधिकार अपनी जगह है, लेकिन किसी मुख्यमंत्री के आवास पर ऐसा प्रदर्शन नहीं होना चाहिए जिससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो. अंसारी ने यह भी कहा कि यदि जांच में मुख्यमंत्री को नुकसान पहुंचाने की मंशा सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. उनके इस बयान से सत्तारूढ़ गठबंधन और बीजेपी के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत हैं.
#WATCH | Ranchi: Jharkhand Minister Irfan Ansari says, "Yesterday, our Chief Minister had a narrow escape. While the House was in session, BJP MLAs staged a sit-in at the Chief Minister's residence. That was not a protest; it was an attempt to kill. Just imagine—if a tribal Chief… pic.twitter.com/gqFBcpMzhU
— ANI (@ANI) August 11, 2026
यह पूरा विवाद झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सामने आया है. छात्र जेपीएससी और जेएसएससी समेत भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार से जवाब और सुधार की मांग कर रहे हैं. इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है. बीजेपी विधायकों का मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन भी इसी राजनीतिक माहौल का हिस्सा रहा. अब मंत्री के आरोपों ने परीक्षा विवाद को सुरक्षा और राजनीतिक टकराव के मुद्दे से भी जोड़ दिया है. इससे आने वाले दिनों में विधानसभा और सड़क, दोनों जगह सरकार-विपक्ष के बीच बहस और तेज हो सकती है.
दूसरी ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों के आंदोलन को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट किया है. उन्होंने कहा कि छात्रों की ज्यादातर मांगों को सरकार स्वीकार कर चुकी है और परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा के लिए सरकार तैयार है. सोरेन ने परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने की बात कही है. सरकार के इस रुख से छात्रों की प्रमुख मांगों पर बातचीत आगे बढ़ने की उम्मीद है. हालांकि, भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर आंदोलन पूरी तरह समाप्त होगा या नहीं, यह छात्रों और सरकार के बीच आगे होने वाली बातचीत और लिए जाने वाले फैसलों पर निर्भर करेगा.