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चूल्हे से सत्ता तक...झारखंड निकाय चुनाव में महिलाओं का परचम, दिग्गज पुरुष नेताओं को मिली करारी हार

2026 के झारखंड म्युनिसिपल इलेक्शन में महिलाओं ने बहुत अच्छा परफॉर्म किया, रांची, मानगो और धनबाद समेत कई शहरों में जीत हासिल की. ​​बड़ी संख्या में महिला मेयर और काउंसलर चुनी गईं, जिससे राज्य में महिला लीडरशिप मजबूत हुई.

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Km Jaya

रांची: झारखंड नगर निकाय चुनाव 2026 में इस बार महिलाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राजनीति में नई मिसाल कायम की है. राज्य के कई नगर निगम और नगर पंचायतों में महिलाओं ने बड़ी जीत दर्ज कर पुरुष उम्मीदवारों को कड़ी चुनौती दी और कई जगह उन्हें पराजित भी किया. रांची, मानगो और धनबाद समेत कई शहरों में महिला उम्मीदवारों का दबदबा साफ देखने को मिला.

रांची नगर निगम में भाजपा समर्थित रोशनी खलखो ने मेयर पद पर जीत हासिल कर इतिहास रच दिया. इससे पहले भी रांची में महिला नेतृत्व की परंपरा रही है, लेकिन इस बार महिलाओं की जीत का दायरा और मजबूत दिखाई दिया. रांची के कुल 53 वार्डों में से 32 वार्डों पर महिला उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक ताकत साबित की.

सुधा गुप्ता ने मेयर पद पर शानदार जीत हासिल

मानगो नगर निगम में पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता ने मेयर पद पर शानदार जीत हासिल की. उनकी जीत को स्थानीय स्तर पर महिला नेतृत्व के मजबूत उभार के रूप में देखा जा रहा है. वहीं कोयला राजधानी धनबाद में भी महिलाओं ने वार्ड पार्षद चुनावों में बड़ी सफलता हासिल की.

धनबाद जिले में कैसी रही स्थिति?

धनबाद जिले के चिरकुंडा नगर परिषद में वार्ड 12 से बुलटी देवी ने 31 वोटों से जीत दर्ज की जबकि वार्ड 8 से नीलम देवी ने 9 वोटों से जीत हासिल की. वार्ड 2 से भारती कुमारी और वार्ड 17 से प्रतिमा बाउरी भी विजयी रहीं. धनबाद नगर निगम के वार्ड 21 से उर्मिला मंडल और झरिया वार्ड 36 से सुमन अग्रवाल की जीत ने स्थानीय राजनीति में नया संदेश दिया है.

महिला उम्मीदवारों का प्रभावशाली प्रदर्शन

सिमडेगा जिले में भी महिला उम्मीदवारों का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा जहां वार्ड 6 से सुनीता देवी और वार्ड 7 से बैजयंती माला ने जीत दर्ज की. मेदिनीनगर नगर निगम में मंजू देवी, बिंदिया देवी, नीरा देवी, आशना पांडेय और रीता शुक्ला जैसी महिला उम्मीदवारों ने जीत हासिल कर महिला सशक्तीकरण को नई पहचान दी.

राज्य के 48 नगर निकायों के 1042 वार्डों में कुल 5562 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे जिनमें 2727 महिलाएं शामिल थीं. मतगणना 26 और 27 फरवरी को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई हालांकि कुछ स्थानों पर हल्का विवाद भी देखने को मिला.

स्थानीय लोगों ने क्या बताया?

स्थानीय लोगों का मानना है कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था, सुरक्षा और विकास कार्यों पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा. झारखंड निकाय चुनाव 2026 को राज्य में नारी सशक्तीकरण के नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है जहां महिलाओं ने घर की जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर प्रशासनिक नेतृत्व संभालने का मजबूत संदेश दिया है.