झारखंड में कोयला माफिया पर कसेगा शिकंजा... अमित शाह ने लागू कराया 'जीरो कोल लीकेज प्लान', CISF को आदेश जारी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कोयला खनन रोकने के लिए 'जीरो कोल लीकेज प्लान' लागू करने के निर्देश दिए. उन्होंने CISF, कोल इंडिया और अन्य एजेंसियों को संयुक्त कार्यवाही तेज करने को कहा.

ANI
Meenu Singh

देश में अवैध कोयला खनन और चोरी पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने अब सख्त कदम उठाने का फैसला किया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में धनबाद सहित संवेदनशील कोयला क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए. उन्होंने अवैध खनन, गैरकानूनी ढुलाई और कोयले की चोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए 'जीरो कोल लीकेज प्लान' लागू करने पर जोर दिया. बैठक में खान मंत्री जी. किशन रेड्डी और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.

अवैध खनन पर सख्त निर्देश

बैठक के दौरान अमित शाह ने कहा कि झारखंड में कोयला चोरी और अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी. उन्होंने CISF और कोल इंडिया के अधिकारियों से स्वीकृत एसओपी के तहत समन्वय बनाकर काम करने और उपलब्ध अधिकारों का पूरी सख्ती से उपयोग करने को कहा.

सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत

गृह मंत्री ने संवेदनशील खनन क्षेत्रों में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए. उन्होंने गृह मंत्रालय से कहा कि CISF की तैनाती के लिए कोयला क्षेत्र को प्राथमिकता सूची में रखा जाए. इससे जरूरत पड़ने पर सुरक्षा बलों की त्वरित तैनाती सुनिश्चित की जा सकेगी.


GST विभाग भी करेगा सहयोग

अमित शाह ने अभियान में GST अधिकारियों को भी शामिल करने की आवश्यकता बताई. उनका कहना था कि इससे केवल वैध रूप से निकाले गए कोयले का कारोबार सुनिश्चित किया जा सकेगा. साथ ही उन्होंने ई-वे बिल की जांच के लिए प्रभावी और सख्त निगरानी प्रणाली विकसित करने पर भी जोर दिया.

तकनीक से होगी निगरानी

बैठक में अवैध खनन रोकने के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग पर विशेष बल दिया गया. गृह मंत्री ने हाई रिजॉल्यूशन कैमरे लगाने और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी करने के निर्देश दिए. इससे अवैध खनन में शामिल लोगों की पहचान आसान होगी.

क्विक रिस्पॉन्स टीम करेगी कार्यवाही

अमित शाह ने CISF को क्विक रिस्पॉन्स टीम गठित करने का निर्देश भी दिया. उनका कहना था कि सूचना मिलते ही टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करे. साथ ही कोयला मंत्रालय को पूरे अभियान की नियमित समीक्षा करने और सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए.