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'कांग्रेस प्रभारी बिकाऊ है', झारखंड में क्रॉस वोटिंग को लेकर राजद MLA का बड़ा आरोप

झारखंड राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के आरोपों ने महागठबंधन में तनाव बढ़ा दिया है. कांग्रेस, राजद और सीपीआईएमएल के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं, जिससे गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं.

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'कांग्रेस प्रभारी बिकाऊ है', झारखंड में क्रॉस वोटिंग को लेकर राजद MLA का बड़ा आरोप
Courtesy: Social Media

रांची: झारखंड राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने महागठबंधन की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है. एनडीए समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी की जीत के बाद सहयोगी दलों के बीच अविश्वास खुलकर सामने आ गया है. कांग्रेस ने अपने सहयोगियों पर क्रॉस वोटिंग का आरोप लगाया है, जबकि राजद और सीपीआईएमएल ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया है. चुनावी हार के बाद शुरू हुआ यह विवाद अब गठबंधन की अंदरूनी खींचतान का बड़ा मुद्दा बन गया है.

गुरुवार को हुए राज्यसभा चुनाव में एनडीए समर्थित परिमल नाथवानी को 28 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को 20 मत ही प्राप्त हुए. एनडीए के पास 24 वोट होने के बावजूद अतिरिक्त समर्थन मिलने से राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं. इसी अंतर ने क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं को जन्म दिया और महागठबंधन के भीतर सवाल उठने लगे.

कांग्रेस ने सहयोगियों पर उठाए सवाल

चुनाव परिणाम आने के बाद झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू ने दावा किया कि राजद और सीपीआईएमएल के विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन नहीं किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट रहे और जेएमएम का समर्थन भी मिला. उनके इस बयान ने सहयोगी दलों के बीच नाराजगी को और बढ़ा दिया.

राजद ने किया तीखा पलटवार

कांग्रेस के आरोपों पर राजद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. पार्टी ने कहा कि बिना आत्ममंथन किए दूसरों पर आरोप लगाना उचित नहीं है. राजद नेताओं ने पूर्व के चुनावों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर ही क्रॉस वोटिंग रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया. राजद विधायक सुरेश पासवान ने तो के राजू पर सीधे निशाना साधते हुए उनकी भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए.

सीपीआईएमएल ने खड़गे को लिखा पत्र

सीपीआईएमएल भी कांग्रेस के आरोपों से नाराज नजर आई. पार्टी के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर आरोपों का विरोध किया. उन्होंने कहा कि उनके दोनों विधायकों ने तय रणनीति के तहत मतदान किया था. साथ ही उन्होंने सहयोगी दलों पर बिना प्रमाण आरोप लगाने को गठबंधन की एकता के लिए नुकसानदायक बताया.

जेएमएम ने जताई चिंता

पूरे घटनाक्रम पर जेएमएम ने भी चिंता व्यक्त की है. पार्टी प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि जो कुछ हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने संगठन में अनुशासन बनाए रखने के लिए नेतृत्व की सराहना की. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव के बाद शुरू हुई यह बयानबाजी महागठबंधन के भीतर भरोसे की परीक्षा बन सकती है और आने वाले समय में इसके असर साफ दिखाई दे सकते हैं.