हरियाणा के फरीदाबाद जिले में करीब एक हजार श्रमिकों ने अपनी मांगों को लेकर लगातार दूसरे दिन भी जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी श्रमिकों ने दिल्ली-आगरा हाईवे की सर्विस रोड को जाम करने की कोशिश की, जिससे स्थानीय यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ.
मिल रही जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह करीब 8 बजे मदरसन सुमी फैक्टरी के कर्मचारी फैक्टरी गेट के बाहर इकट्ठा हुए. उन्होंने नई मजदूरी दरों को तुरंत लागू करने की मांग करते हुए रोड जाम करने का प्रयास किया. इससे पहले सोमवार को भी इस तरह के विरोध-प्रदर्शन के कारण कई घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं.
प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का आरोप है कि फैक्टरी प्रबंधन उन्हें प्रतिदिन 16 घंटे तक काम कराता है, लेकिन मात्र 11,000 रुपये मासिक वेतन ही दिया जाता है. उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों में यह राशि उनके गुजारे के लिए काफी नहीं है. श्रमिकों ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा घोषित नई दरों का तुरंत लाभ उन्हें मिलना चाहिए. हालांकि अपनी मांग को रखते हुए श्रमिकों ने खूब हंगामा मचाया. जिसके बाद स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. अधिकारियों ने बताया कि सड़क जाम करने की कोशिश में शामिल 23 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है और उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है.
जिला प्रशासन और श्रम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह प्रदर्शन मुख्य रूप से गलतफहमी और अफवाहों के कारण हुआ है. उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार द्वारा न्यूनतम मजदूरी में की गई बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू होगी. सभी फैक्टरियों को इस संबंध में अपने कर्मचारियों को सही जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं.
हरियाणा सरकार ने 8 अप्रैल को हुई कैबिनेट बैठक में न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का फैसला लिया था. श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा था कि यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल से प्रभावी मानी जाएगी. अधिकारियों ने श्रमिकों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखें और कंपनी प्रबंधन के साथ बातचीत कर के परेशानी को खत्म करने की कोशिश करें. अगर फिर नहीं होता है तो उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा.