5 मिनट में पहुंचेगी पुलिस... कांवड़ यात्रा और शिवरात्रि पर रोहतक में हाई अलर्ट; डीजे और हथियार पूरी तरह प्रतिबंधित
रोहतक पुलिस ने कांवड़ यात्रा और शिवरात्रि को लेकर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है. किसी भी सूचना पर पांच मिनट के भीतर पुलिस मौके पर पहुंचेगी. डीजे, हथियार, नशे का सामान, भारी वाहन और बिना अनुमति शिविर लगाने पर रोक रहेगी.
रोहतक: कांवड़ यात्रा और आगामी शिवरात्रि पर्व को लेकर हरियाणा के रोहतक जिले में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सख्त कर दी गई है. बड़ी संख्या में हरियाणा से श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लाने के लिए रवाना हो रहे हैं. इसे देखते हुए जिला पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन की योजना लागू कर दी है. पुलिस ने साफ कर दिया है कि किसी भी सूचना पर पांच मिनट के भीतर पुलिस टीम मौके पर पहुंचेगी और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस अधीक्षक गौरव राजपुरोहित के निर्देश पर जिले के सभी थाना प्रभारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल, होमगार्ड और स्पेशल पुलिस अधिकारियों की तैनाती की जाएगी. पुलिस लगातार गश्त करेगी और जरूरत पड़ने पर यातायात को डायवर्ट भी किया जाएगा, ताकि कांवड़ियों की यात्रा सुरक्षित और सुचारु बनी रहे.
क्या-क्या की गई है सुरक्षा व्यवस्था?
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई सख्त प्रतिबंध भी लागू किए गए हैं. कांवड़ यात्रा के दौरान जुगाड़ वाहन, ट्रैक्टर ट्रॉली और भारी वाहनों के संचालन पर रोक रहेगी. डीजे और हाई पावर साउंड सिस्टम के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी. डाक कांवड़ झांकी की अधिकतम ऊंचाई 10 फीट और पैदल कांवड़ की ऊंचाई 7 फीट निर्धारित की गई है, ताकि बिजली की लाइनों और अन्य संरचनाओं से कोई खतरा न हो.
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किन-किन चीजों पर लगा है बैन?
प्रशासन ने यात्रा के दौरान हथियारों और नशे से जुड़ी वस्तुओं पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है. शराब, मादक पदार्थ, एलपीजी सिलेंडर, हाकी स्टिक, बेसबॉल बैट, लाठी, डंडा, त्रिशूल, भाला और किसी भी प्रकार के हथियार साथ ले जाने की अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा बुलेट और अन्य मोटरसाइकिलों के साइलेंसर हटाकर तेज आवाज निकालने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासन ने क्या लागू नए नियम?
कांवड़ शिविर लगाने के लिए भी प्रशासन ने नए नियम लागू किए हैं. अब कोई भी व्यक्ति या संस्था बिना प्रशासनिक अनुमति के शिविर नहीं लगा सकेगी. शिविर संचालकों को अपने सदस्यों और वाहनों का पूरा विवरण देना होगा. शिविर में काम करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा. साथ ही पर्याप्त रोशनी, पेयजल, सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा.
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रमुख चौराहों और संवेदनशील मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी. तेज रफ्तार और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान किए जाएंगे. इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी पुलिस की पैनी नजर रहेगी. भड़काऊ, अफवाह फैलाने वाली या आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.