पलवल जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का पहला चरण पूरा हो चुका है. ज्यादातर मतदाताओं ने फार्म भर कर जमा कर दिए हैं, जबकि कुछ मतदाताओं का सत्यापन अभी बाकी है. निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार अब प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. इसके बाद नागरिकों को नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन कराने का अवसर मिलेगा. प्रशासन ने सभी पात्र मतदाताओं से समय रहते सूची की जांच करने की अपील की है.
भारत निर्वाचन आयोग के SIR अभियान के तहत पलवल जिले के 6 लाख 8 हजार 427 मतदाताओं ने अपने फॉर्म बीएलओ के पास जमा करा दिए हैं. यह कुल मतदाताओं का 85.97 प्रतिशत है. वहीं 99 हजार 302 मतदाता ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक अपने प्रपत्र जमा नहीं किए हैं.
निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार जिन मतदाताओं ने फॉर्म जमा नहीं किए हैं, उनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की हो सकती है जो स्थानांतरित हो चुके हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है. BLO की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही इन नामों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा. इससे मतदाता सूची में बदलाव की संभावना भी बनी हुई है.
जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने बताया कि 31 जुलाई 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. इसके बाद 31 जुलाई से 30 अगस्त तक नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन के लिए दावे एवं आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी. इस अवधि में फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 उपलब्ध रहेंगे.
प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि अनुपस्थित, मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी. जिन मतदाताओं के विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि मिलेगी या जिनका सत्यापन अधूरा रहेगा, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा. संबंधित लोगों को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे.
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे प्रारूप सूची में अपना नाम अवश्य जांचें. यदि किसी प्रकार की गलती दिखाई दे तो दावा और आपत्ति की अवधि में उसका सुधार करा लें. निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 3 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी.