हरियाणा में मतदाता सूची को ज्यादा सटीक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा अभियान सोमवार से शुरू होने जा रहा है. राज्यभर में लाखों मतदाताओं का घर घर जाकर सत्यापन किया जाएगा, ताकि मतदाता सूची में मौजूद गलतियों को दूर किया जा सके और केवल पात्र नागरिकों के नाम ही सूची में शामिल रहें. निर्वाचन आयोग का यह विशेष अभियान आगामी चुनावी तैयारियों के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास के अनुसार, राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत अगले 30 दिनों तक व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जाएगा. इस दौरान 20,629 बूथ लेवल अधिकारी (BLO) लगभग 2.06 करोड़ मतदाताओं तक पहुंचकर उनकी जानकारी का सत्यापन करेंगे. प्रत्येक मतदाता को एन्यूमरेशन फॉर्म दिया जाएगा, जिसे भरकर वापस जमा करना आवश्यक होगा.
निर्वाचन विभाग के मुताबिक, साल 2002 के बाद पहली बार इस स्तर पर मतदाता सूची का विस्तृत पुनरीक्षण किया जा रहा है. अभी तक साल 2002 और 2024 की वोटर लिस्ट के बीच करीब 64.7 प्रतिशत डेटा मैपिंग पूरी हो चुकी है. 21 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जबकि 20 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा. अंतिम सूची 22 सितंबर को जारी होगी.
इस अभियान को सफल बनाने के लिए राज्यभर में व्यापक प्रशासनिक व्यवस्था की गई है. 20 हजार से ज्यादा BLO के अलावा 2,245 सुपरवाइजर, 162 अतिरिक्त निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, 489 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी और 89 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी निगरानी की जिम्मेदारी संभालेंगे. नागरिक किसी भी शिकायत या जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं.
निर्वाचन आयोग को इस अभियान के दौरान कई व्यावहारिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. ऊंची रिहायशी इमारतों और दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बनाना, प्रत्येक मतदाता से फॉर्म भरवाना, महानगरों में डेटा मैपिंग पूरी करना, राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना और मतदाता सूची से दोहरे या मृत मतदाताओं के नाम हटाना प्रमुख चुनौतियों में शामिल हैं.
अभियान में राजनीतिक दलों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. विभिन्न दलों ने बूथ लेवल एजेंट (BLO) नियुक्त किए हैं, जो प्रक्रिया की निगरानी और पारदर्शिता बनाए रखने में सहयोग करेंगे. निर्वाचन आयोग का उद्देश्य है कि राज्य की मतदाता सूची पूरी तरह अपडेट और त्रुटिरहित बने, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया और अधिक मजबूत हो सके.