अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बुरी तरह प्रभावित है. इस शिपिंग रूट के प्रभावित होने के कारण वैश्विक तेल सप्लाई चेन प्रभावित हो गई है. हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लगातार बनाए जा रहे आर्थिक दबाव के बाद ईरान अब ओमान के साथ होर्मुज के नियंत्रण पर बातचीत कर रहा है.
ईरान और अमेरिका के बीच इस साल फरवरी में युद्ध शुरू हुआ था. जिसके बाद से ये रूट बारूदी मैदान बन गया. ईरान ने यहां माइंस बिछा दिए, जिसके बाद कई देशों के जहाजों को भारी नुकसान हुआ. अब तेहरान ओमान के साथ मिलकर इस रूट के कंट्रोल के लिए 'जॉइंट टेम्पररी नेविगेशनल कॉरिडोर' बनाने की तैयारी कर रहा है.
ओमान और ईरान मिलकर इस रूट को माइन्स से मुक्त करने पर सहमत हुए हैं. हालांकि ट्रंप ने पहले ही ऐलान कर दिया है कि यहां से सभी माइन्स को हटा दिए गए हैं. लेकिन ईरान की ओर से लगातार यह जोर दिया जा रहा है कि अमेरिका जब तक इस युद्ध को खत्म नहीं करता और अपनी नाकेबंदी नहीं हटाता तब तक इस रास्ते का सामान्य तरीके से संचालन नहीं हो सकता है. ईरानी उप विदेश मंत्री ने आज कहा कि तेहरान इस रास्ते पर रोक जारी रखेगा, मुख्य तौर पर उन जहाजों को जिनका इस्तेमाल अमेरिका अपने सैनिकों के लिए कर रहा है. उन्होंने बताया कि कमर्शियल जहाजों के लिए अलग से बातचीत की जाएगी.
ईरानी मंत्री ने होर्मुज में सामान्य परिचालन न होने देने की चेतावनी देते हुए कहा जब तक अमेरिका अपने उन वादों (जिन पर जून में हस्ताक्षर किए गए थे) को पूरा नहीं करता तब तक यह समझौता संभव नहीं है. ईरान की ओर से यह बयान ओमान के अधिकारियों के साथ चर्चा करने के एक दिन बाद आया है. वहीं ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल बुसैदी ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही अस्थायी कॉरिडोर की घोषणा की जा सकती है. जिसमें सबसे मुख्य मुद्दा समुद्री सुरक्षा है. इस बातचीत से यह साफ है कि ईरान अभी होर्मुज के सामान्य संचालन के लिए तैयार नहीं