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India Daily

'मम्मी-पापा माफ कर देना, मैं दादा के पास जा रही...', तालाब से मिली 11वीं की छात्रा की बॉडी, क्या है सुसाइड नोट की कहानी

गुरुग्राम के मोकलवास गांव में 11वीं की एक छात्रा की लाश श्मशान घाट के पास तालाब से बरामद हुई. लड़की तीन दिन से लापता थी. पुलिस को उसके कमरे से एक डायरी मिली जिसमें उसने अपने माता पिता से माफी मांगते हुए खुद को श्मशान घाट के तालाब के पास ढूंढने की बात लिखी थी.

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Edited By: Babli Rautela
'मम्मी-पापा माफ कर देना, मैं दादा के पास जा रही...', तालाब से मिली 11वीं की छात्रा की बॉडी, क्या है सुसाइड नोट की कहानी
Courtesy: Grok

गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम के मोकलवास गांव से लापता हुई 11वीं कक्षा की छात्रा का शव श्मशान घाट के पास स्थित एक तालाब से बरामद हुआ है. पुलिस के अनुसार यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है. छात्रा 11 फरवरी की रात डिनर के बाद अपने कमरे में यह कहकर गई थी कि उसे पढ़ाई करनी है. सुबह जब परिवार के लोग उठे तो वह कमरे में नहीं थी. काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

पुलिस ने आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. फुटेज में छात्रा स्कूल यूनिफॉर्म पहने घर से बाहर जाती हुई दिखाई दी. इसके बाद गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया. परिवार ने उसकी जानकारी देने वाले को 1 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा भी की थी. पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी रही.

डायरी में लिखी थी अंतिम बात

जांच के दौरान पुलिस ने छात्रा के कमरे की तलाशी ली. वहां से एक डायरी बरामद हुई. डायरी में उसने अपने माता पिता से माफी मांगते हुए लिखा था कि वह अपने दादाजी के पास जा रही है. साथ ही उसने यह भी लिखा था कि यदि ढूंढना हो तो श्मशान घाट के तालाब के पास ढूंढना. डायरी मिलने के बाद पुलिस की एक टीम गोताखोरों के साथ तालाब पर पहुंची. मोटर की मदद से तालाब का पानी कम किया गया. पानी का स्तर घटने पर कीचड़ में फंसा शव बरामद हुआ.

पोस्टमार्टम के बाद सौंपा गया शव

शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. पुलिस अधिकारी ने बताया कि मौत के कारणों की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट से होगी. फिलहाल यह पता लगाने के लिए जांच जारी है कि छात्रा ने यह कदम क्यों उठाया. जानकारी के अनुसार छात्रा के पिता कोर्ट लाइब्रेरी में कार्यरत हैं. वह मैत्री स्कूल में पढ़ती थी और परिवार के मुताबिक वह पढ़ाई में होशियार थी.