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हरियाणा में पलवल से नूंह तक कनेक्टिविटी होगी मजबूत, पृथला से धुलावट तक बनेगी डबल रेल लाइन

हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर परियोजना के तहत पलवल के पृथला से नूंह के धुलावट तक डबल रेल लाइन बिछाने को मंजूरी मिल गई है. 126 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट का करीब 30 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है.

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Km Jaya

फरीदाबाद: फरीदाबाद से सटे पलवल और नूंह जिलों के लिए खुशखबरी है. हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर यानी HORC प्रोजेक्ट के तहत पलवल के पृथला और नूंह जिले के धुलावत के बीच नई डबल रेल लाइन बनाने की मंजूरी मिल गई है. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से न सिर्फ रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी बल्कि दिल्ली और NCR के बीच लॉजिस्टिक्स की आवाजाही में भी काफी आसानी होगी.

हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर फरीदाबाद डिवीजन के पलवल जिले से सोनीपत जिले तक बनाया जा रहा है. इससे पलवल के पृथला स्टेशन पर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और भारतीय रेलवे से कनेक्टिविटी पक्की हो जाएगी. यहां दोनों रेलवे लाइनों का जंक्शन बनाया जाएगा. 126 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट में खास तौर पर 67 गांवों की 665 हेक्टेयर जमीन पर सिविल काम चल रहा है.

कितना काम हो चुका है पूरा?

प्रोजेक्ट का लगभग 30 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, राज्य भर में कई जगहों पर रेल लाइनें बिछाई गई हैं और लाइन के लिए ROB बनाए गए हैं. अरावली पहाड़ियों से होकर नूह में टनल बनाने का काम चल रहा है.

कब हुआ था इसका शिलान्यास?

इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास 27 अक्टूबर 2022 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और हरियाणा के उस समय के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजूदगी में किया था. उस समय इसे बनाने का समय पांच साल तय किया गया था और 2027 तक इसे पूरा करने का टारगेट था. यह प्रोजेक्ट भविष्य में माल ढुलाई की रीढ़ बनेगा.

क्या -क्या होगी खासियत?

यहां न सिर्फ ट्रैक बिछाए जाएंगे, बल्कि बड़े पैमाने पर सिविल काम भी किए जाएंगे. हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉर्पोरेशन के एक अधिकारी ने बताया कि इस सेक्शन पर कई जरूरी स्ट्रक्चर बनाए जाएंगे, जिनमें मॉडर्न रेलवे स्टेशन, पानी निकालने के लिए पुलों का नेटवर्क और जमीन को मजबूत करने के लिए रिटेनिंग वॉल शामिल हैं.

प्रोजेक्ट के हिस्से के तौर पर नूंह में अरावली पहाड़ों के बीच से पांच किलोमीटर लंबी टनल बनाई जा रही है. कॉर्पोरेशन ने लगभग 20 परसेंट काम पूरा कर लिया है, बाकी काम तेजी से चल रहा है.

कितने दिनों का रखा गया है टारगेट?

इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग तीन साल का टारगेट रखा गया है. डेडलाइन को पूरा करने के लिए मॉडर्न मशीनरी और अनुभवी वर्कफोर्स को लगाने का प्लान है.

प्रोजेक्ट जनरल मैनेजर नरेश कुमार ने कहा, 'पृथला और धुलावट के बीच डबल लाइन बिछाने का काम जल्द ही शुरू होगा. टेंडर प्रोसेस शुरू हो गया है. एक से दो महीने में काम शुरू होने की उम्मीद है.'