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निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल किसका बिगाड़ेंगे खेल? हरियाणा राज्यसभा चुनाव 2026 में नई एंट्री से गरमाया राजनीतिक माहौल

बीजेपी ने अपने उम्मीदवार के रूप में पूर्व सांसद संजय भाटिया को उतारा है. इसके अलावा कांग्रेस की ओर से कर्मवीर सिंह बौद्ध ने नामांकन भरा है. कर्मवीर बौद्ध को पार्टी ने मजबूत प्रत्याशी के रूप में चुना है और उनके नामांकन में भी कांग्रेस विधायकों का साथ रहा.

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Edited By: Antima Pal
निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल किसका बिगाड़ेंगे खेल? हरियाणा राज्यसभा चुनाव 2026 में नई एंट्री से गरमाया राजनीतिक माहौल
Courtesy: pinterest

हरियाणा: हरियाणा राज्यसभा चुनाव 2026 में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है. राज्य की दो राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब तीसरे उम्मीदवार की एंट्री ने सबकी नजरें खींच ली हैं. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), कांग्रेस के अलावा अब एक निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में उतर आया है, जिससे चुनावी समीकरणों में नया मोड़ आ गया है.

हरियाणा राज्यसभा चुनाव 2026 में गरमाया राजनीतिक माहौल

हरियाणा विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं. बीजेपी के पास 48 विधायक हैं, कांग्रेस के 37, इनेलो के 2 और तीन निर्दलीय विधायक सत्तारूढ़ बीजेपी का समर्थन करते हैं. राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 31 वोटों (कोटा) की जरूरत होती है. संख्या बल के हिसाब से बीजेपी को एक सीट आसानी से मिलनी तय मानी जा रही है, जबकि दूसरी सीट पर कांग्रेस मजबूत स्थिति में दिख रही थी. लेकिन निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल की एंट्री ने खेल को दिलचस्प बना दिया है.

निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल की एंट्री से आया नया मोड़

बीजेपी ने अपने उम्मीदवार के रूप में पूर्व सांसद संजय भाटिया को उतारा है. संजय भाटिया ने नामांकन दाखिल करते समय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, बीजेपी हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में पार्टी का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि वे पार्टी और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे. कांग्रेस की ओर से कर्मवीर सिंह बौद्ध ने नामांकन भरा है. कर्मवीर बौद्ध को पार्टी ने मजबूत प्रत्याशी के रूप में चुना है और उनके नामांकन में भी कांग्रेस विधायकों का साथ रहा.

बीजेपी के हरियाणा उपाध्यक्ष रह चुके सतीश नांदल

अब निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल ने नामांकन दाखिल कर सबको चौंका दिया है. सतीश नांदल बीजेपी के हरियाणा उपाध्यक्ष रह चुके हैं और रोहतक जिले के गढ़ी-सांपला-किलोई क्षेत्र से आते हैं, जो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ माना जाता है. वे निर्माण व्यवसाय से जुड़े हैं और पहले 2019 में हुड्डा के खिलाफ चुनाव भी लड़ चुके हैं. तीनों निर्दलीय विधायकों के साथ वे विधानसभा पहुंचे थे, जिससे अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे बीजेपी के समर्थन से उतरे हैं या कोई दूसरा खेल चल रहा है.

मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा

राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना 26 फरवरी को जारी हुई थी. नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च थी, नामांकन जांच 6 मार्च को हुई और उम्मीदवार वापस लेने की आखिरी तारीख 9 मार्च है. अगर जरूरत पड़ी तो मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और मतगणना उसी दिन शाम 5 बजे से शुरू होगी. सवाल यह है कि सतीश नांदल किसका खेल बिगाड़ेंगे? अगर वे कुछ विधायकों को प्रभावित कर पाए या बीजेपी की रणनीति का हिस्सा हैं, तो कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. 

बीजेपी के पास पहले से ही मजबूत संख्या है, लेकिन निर्दलीय की मौजूदगी से वोटों का बंटवारा हो सकता है. हरियाणा में राज्यसभा चुनाव हमेशा से हाई-वोल्टेज रहे हैं और इस बार निर्दलीय की एंट्री ने इसे और रोमांचक बना दिया है.