डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को आज एक बार फिर से जेल से छुट्टी मिली है. हरियाणा की रोहतक सुनारिया जेल से 26 मई 2026 की सुबह करीब 6:30 बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें 30 दिनों की पैरोल पर रिहा किया गया.
जेल से निकलकर गुरमीत राम रहीम सीधे सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय के लिए रवाना हो गए. ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब उन्हें पैरोल पर रिहा किया गया है, इससे पहेल दोषी साबित होने के बाद उन्हें 15 बार पैरोल पर रिहाई मिली है. जनवरी में जब रहीम पैरोल पर रिहा हुए थे, तो उन्होंने जेल से बाहर 40 दिनों का समय बिताया था.
राम रहीम को अगस्त 2017 में यौन उत्पीड़न मामले में दोषी ठहराया गया था. इसके बाद से राम रहीम को अब तक कई बार पैरोल या फरलो मिल चुकी है. इस बार मंजूर की गई 30 दिन की पैरोल के साथ उनका कुल बाहर रहने का समय काफी लंबा हो गया है. पैरोल के रिकॉर्ड की बात करें तो अक्टूबर 2020 में उन्हें 1 दिन की पैरोल मिली थी. इसके बाद मई 2021 में 1 दिन की पैरोल मिली. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 2022 से उन्हें कई बार पैरोल और फरलो दिया गया.
2022 में पहली बार फरवरी में 21 दिन की फरलो दी गई. इसके बाद जून में 30 दिन की पैरोल और फिर अक्टूबर 2022 में 40 दिन की पैरोल मिली. 2023 में जनवरी में 40 दिन की पैरोल, जुलाई में 30 दिन की पैरोल और नवंबर में 21 दिन की फरलो दी गई. इसके अलावा 2024 के जनवरी में 50 दिन की पैरोल, अगस्त 2024 में 21 दिन की फरलो और अक्टूबर 2024 में 20 दिन की पैरोल मिली. 2025 में भी कुल 91 दिनों के लिए जेल से छुट्टी मिल चुकी है. वहीं इस साल पांच महीने से भी कम समय में 70 दिनों की पैरोल मिली है.
राम रहीम सिंह फिलहाल अपनी दो महिला शिष्यों के साथ बलात्कार और यौन शोषण के मामले में जेल की सजा काट रहे हैं. पंचकूला की CBI विशेष अदालत ने 2017 में उन्हें दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी. वहीं इस साल मार्च में उन्हें पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय से पत्रकार राम चंद्र छत्रपति हत्याकांड में बरी कर दिया गया था. 2022 में पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी छत्रपति पूरा सच नामक अखबार चलाते थे. अपनी हत्या से कुछ दिनों पहले उन्होंने अपने अखबार में एक गुमनाम पत्र छपा था, जिसमें डेरा सच्चा सौदा में महिला अनुयायियों के यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए थे.