देश की सबसे महंगी कार नंबर प्लेट ‘HR88B8888’ की नीलामी से जुड़ा विवाद अब सरकारी जांच तक पहुंच गया है. नीलामी में 1.17 करोड़ रुपये की बोली लगाने के बाद भी रकम जमा न करने वाले बोलीदाता सुधीर कुमार की वित्तीय क्षमता पर सवाल उठ गए हैं. हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने विभाग को उनके आय–संपत्ति की जांच का आदेश दिया है.
परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि नीलामी में बोली लगाना एक जिम्मेदारी है, शौक नहीं. उनके अनुसार, सुधीर कुमार ने 1.17 करोड़ रुपये की सबसे बड़ी बोली लगाई लेकिन समय सीमा तक भुगतान नहीं किया. केवल 11,000 रुपये की सिक्योरिटी राशि जब्त हुई. विज ने बताया कि ऐसे मामलों में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बोलीदाता के पास वास्तविक वित्तीय क्षमता हो.
मंत्री विज ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सुधीर कुमार की कुल संपत्ति, आय और कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जाए. इसके साथ ही वह आयकर विभाग को भी पत्र लिखेंगे ताकि किसी भी तरह की गलत मंशा या फर्जी बोली को रोका जा सके. इसका उद्देश्य यह है कि भविष्य में बोलीदाता बिना क्षमता के कीमतें न बढ़ाएं.
वहीं, सुधीर कुमार ने दावा किया कि उन्होंने दो बार भुगतान करने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी दिक्कत के कारण रकम जमा नहीं हो सकी. उन्होंने यह भी कहा कि परिवार के बुजुर्ग इतने बड़े खर्च के पक्ष में नहीं हैं. कुमार ने बताया कि अंतिम निर्णय परिवार से चर्चा के बाद लिया जाएगा.
26 नवंबर को यह नंबर प्लेट सुर्खियों में आई जब 45 आवेदकों के बीच यह 1.17 करोड़ में नीलाम हुई. 50 हजार रुपये के बेस प्राइस से शुरू हुई बोली इतनी ऊपर पहुंचने से अधिकारी भी हैरान रह गए. इस अनोखे नंबर में ‘B’ का आकार ‘8’ जैसा दिखता है, जिससे यह एक आकर्षक पैटर्न बन जाता है.
हरियाणा में VIP नंबर प्लेटों की ऑनलाइन नीलामी हर हफ्ते होती है. शुक्रवार शाम से सोमवार सुबह तक आवेदन स्वीकार किए जाते हैं और बुधवार को परिणाम घोषित किए जाते हैं. यह पूरी प्रक्रिया आधिकारिक पोर्टल fancy.parivahan.gov.in पर ऑनलाइन होती है. मंत्री विज ने कहा कि विवादित नंबर प्लेट को जल्द ही फिर से नीलाम किया जाएगा.