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India Daily

अभय चौटाला के 'विदेशी स्टाइल' वाले विरोध के बयान पर बवाल, बीजेपी ने बताया संविधान विरोधी मानसिकता

इंडियन नेशनल लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला अपने एक हालिया विवादित बयान के कारण भारतीय जनता पार्टी के सीधे निशाने पर आ गए हैं.

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
अभय चौटाला के 'विदेशी स्टाइल' वाले विरोध के बयान पर बवाल, बीजेपी ने बताया संविधान विरोधी मानसिकता
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चंडीगढ़: इंडियन नेशनल लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला अपने एक हालिया विवादित बयान के कारण भारतीय जनता पार्टी के सीधे निशाने पर आ गए हैं. चौटाला ने एक जनसभा में भारत में भी श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल जैसी हिंसक जनक्रांतियों के जरिए सरकार बदलने का सुझाव दिया है, जिस पर अब देश की सियासत गरमा गई है.

क्या कहा अभय चौटाला ने?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में चौटाला पड़ोसी देशों की राजनीतिक अस्थिरता का हवाला देते हुए कहते हैं, "श्रीलंका और बांग्लादेश के युवाओं ने जिस तरह सरकार को देश छोड़ने पर मजबूर किया, उसी तरह के तरीके भारत में भी मौजूदा सरकार को सत्ता से हटाने के लिए अपनाने होंगे." उनके इस बयान को लोकतांत्रिक ढांचे के खिलाफ उकसावे के रूप में देखा जा रहा है.

BJP का पलटवार: 'संविधान पर हमला'

बीजेपी ने चौटाला के इस बयान को भारत की संवैधानिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के लिए गंभीर खतरा बताया है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि यह बयान विपक्ष की "संविधान विरोधी और भारत विरोधी" मानसिकता का प्रमाण है. उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी के विरोध में विपक्षी नेता अब बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान के खिलाफ जाने को भी तैयार हैं.

भारत विरोधी नैरेटिव का हिस्सा बताया

वहीं बीजेपी प्रवक्ता ने इसे एक बड़े "भारत विरोधी नैरेटिव" का हिस्सा बताया और इसमें राहुल गांधी जैसे बड़े नेताओं को भी लपेटते हुए कहा कि विपक्ष देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की साजिश रच रहा है. हरियाणा के कैबिनेट मंत्री ने चौटाला परिवार के राजनीतिक इतिहास का हवाला देते हुए उनकी वैचारिक गंभीरता पर सवाल उठाए और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान बताया.

राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव के करीब आते ही नेताओं की भाषा की मर्यादा टूट रही है. अभय चौटाला का यह बयान न केवल उनके लिए कानूनी मुश्किलें खड़ी कर सकता है, बल्कि बीजेपी को 'संविधान बचाओ' के नारे पर विपक्ष को घेरने का एक बड़ा मुद्दा भी दे गया है. फिलहाल, इस बयान ने देश की राजनीति में 'लोकतंत्र बनाम विदेशी मॉडल' की नई बहस छेड़ दी है.