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स्ट्रेचर पर बेटी की लाश देखते ही दहाड़ मारकर रो पड़ी मां, स्कूल के तीसरी मंजिल से गिरकर छात्रा की हुई मौत

फरीदाबाद के डबुआ में 16 साल की 11वीं की छात्रा की स्कूल की तीसरी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई. पिता ने बिरयानी विवाद के बाद छात्रा को करीब चार घंटे धूप में खड़ा करने का आरोप लगाया है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
स्ट्रेचर पर बेटी की लाश देखते ही दहाड़ मारकर रो पड़ी मां, स्कूल के तीसरी मंजिल से गिरकर छात्रा की हुई मौत
Courtesy: Pinterest (Representative image)

फरीदाबाद: फरीदाबाद के डबुआ इलाके में स्कूल की तीसरी मंजिल से गिरकर 16 साल की छात्रा की मौत हो गई. छात्रा 11वीं कक्षा में पढ़ती थी. मौत के बाद अस्पताल में जब मां ने स्ट्रेचर पर पड़ी बेटी का चेहरा देखा तो वह दहाड़ मारकर रो पड़ी. कुछ घंटे पहले तक जो बेटी स्कूल में थी, वह अब दुनिया में नहीं थी. इस हादसे ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है.

घटना डबुआ-गाजीपुर रोड स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल की बताई जा रही है. छात्रा के पिता का आरोप है कि स्कूल में बिरयानी खाने को लेकर छात्राओं के बीच विवाद हुआ था. पिता के मुताबिक, विवाद में उनकी बेटी की कोई गलती नहीं थी, फिर भी उसे करीब चार घंटे तक धूप में खड़ा करके सजा दी गई. पिता का दावा है कि इस दौरान बेटी काफी आहत हुई थी.

कैसे हुआ हादसा?

इसके बाद छात्रा स्कूल की तीसरी मंजिल पर पहुंची और वहां से नीचे गिर गई. गंभीर हालत में उसे पहले एक निजी अस्पताल ले जाया गया. हालत गंभीर होने के कारण वहां से उसे बीके अस्पताल रेफर किया गया. परिवार छात्रा को लेकर अस्पताल पहुंचा, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

अस्पताल में छात्रा का शव स्ट्रेचर पर पर्दे के पीछे रखा था. जब मां वहां पहुंची और पर्दा हटाया गया तो बेटी को देखते ही वह दहाड़ मारकर रोने लगी. परिवार के लिए यह पल बेहद दर्दनाक था. जिस बेटी को सुबह स्कूल के लिए भेजा था, शाम को उसका शव सामने था.

स्कूल प्रबंधन का है कहना?

हालांकि स्कूल प्रबंधन ने छात्रा को सजा देने के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है. स्कूल के प्रधानाचार्य का कहना है कि छात्रा को किसी तरह की सजा नहीं दी गई थी. उनके अनुसार, छात्रा क्लास में बाथरूम जाने की बात कहकर बाहर निकली थी. इसके बाद वह स्कूल की तीसरी मंजिल पर पहुंची और वहां से नीचे छलांग लगा दी.

पिता ने क्या बताया?

पिता के आरोप में सबसे अहम बात वे चार घंटे हैं, जिनमें छात्रा को कथित तौर पर धूप में खड़ा रखने की बात कही जा रही है. वहीं स्कूल प्रबंधन इससे साफ इनकार कर रहा है.