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क्यों तोड़ा जा रहा है दिल्ली का फेमस सरोजनी मार्केट? व्यापारियों में मचा हाहाकार

सरोजिनी मार्केट दुकानदार एसोसिएशन ने आरोप लगाया, "अदालती आदेशों के बावजूद एनडीएमसी सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण हटाने में असमर्थ है. डीएमआरसी स्टेशन के आसपास फुटपाथ और सड़कों पर अवैध कब्जा करने वाले लोग अभी भी कब्जा जमाए हुए हैं. दिन के समय केवल दिखावा करने वाली कार्रवाई हो रही है.

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Edited By: Mayank Tiwari
क्यों तोड़ा जा रहा है दिल्ली का फेमस सरोजनी मार्केट? व्यापारियों में मचा हाहाकार
Courtesy: X@tweetndmc

देश की राजधानी दिल्ली के सबसे व्यस्त रहने वाले सरोजिनी नगर मार्केट में 18 मई को देर रात तक चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान से व्यापारियों और दुकानदारों में आक्रोश फैल गया. इस अभियान के दौरान, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने फुटपाथों से करीब 200 अनाधिकृत स्टॉल और दुकानें हटा दीं.
 
एनडीएमसी अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मकसद पैदल चलने वालों के रास्ते साफ करना और सार्वजनिक स्थान को पुनः प्राप्त करना था. एक बयान में, नगर निकाय ने कहा कि अभियान ने शामियाना, शेड और अस्थायी स्टॉल सहित अवैध विस्तार को टारगेट किया, जो लंबे समय से क्षेत्र में भीड़भाड़ का कारण बन रहे थे.

सरोजिनी नगर बाजार: बजट किफायती लेकिन भीड़भाड़ वाला

दरअसल, सरोजिनी नगर दिल्ली के सबसे प्रतिष्ठित स्ट्रीट मार्केट में से एक है, जो अपने बजट-फ्रेंडली फैशन के लिए जाना जाता है. इस मार्केट की लोकप्रियता, खास तौर पर छात्रों और मध्यम वर्ग के खरीदारों के बीच, इसे आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण तो बनाती है, लेकिन शारीरिक रूप से भीड़भाड़ वाली भी. यह भीड़भाड़ और सीमित पैदल चलने योग्य जगह से जूझता रहा है, जिससे यह शहरी सफाई पहलों का रोजाना टारगेट बन गया है. हालांकि, नगर निकाय की कार्रवाई की तीखी आलोचना हुई है.

व्यापारियों का आरोप: वैध दुकानों को भी नुकसान

स्थानीय व्यापारियों का दावा है कि अभियान केवल अनधिकृत स्टॉल तक सीमित नहीं रहा. सरोजिनी नगर मिनी ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक रंधावा ने समाचार एजेंसी PTI को बताया, "जब हम सुबह आए, तो हमें होर्डिंग और कुछ वैध दुकानों के हिस्से टूटे हुए मिले." उन्होंने कहा कि कई दुकानदारों को बिना औपचारिक नोटिस या दस्तावेज के कार्रवाई का सामना करना पड़ा. एक अन्य दुकानदार ने कहा, "यहां तक कि वैध विस्तार भी हटा दिए गए. कोई उचित प्रक्रिया नहीं अपनाई गई."

NDMC और दिल्ली पुलिस का बचाव

NDMC ने दावा किया कि पहले से चेतावनी दी गई थी, लेकिन व्यापारियों का कहना है कि कार्रवाई अचानक और बिना संवाद के थी. बुधवार (21 मई) को दक्षिण-पश्चिम जिले के डीसीपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "सरोजिनी नगर मार्केट में संयुक्त अतिक्रमण हटाओ अभियान!! पीएस सरोजिनी नगर ने @tweetndmc के साथ मिलकर अनधिकृत अतिक्रमण हटाए, ताकि पैदल यात्रियों की सुविधा और आवागमन सुनिश्चित हो." NDMC ने भी पोस्ट किया, "बेहतर कल के लिए अव्यवस्था को हटाना! NDMC का मेगा अतिक्रमण हटाओ अभियान...नागरिकों के लिए स्थान वापस लेना!"

सोशल मीडिया पर बंटा जनमत

इस अभियान पर जनता की राय बंटी हुई है. जहां कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे व्यवस्था बहाल करने की दिशा में कदम बताया, जबकि अन्य ने अधिकारियों पर गलत पक्षों को निशाना बनाने का आरोप लगाया. वहीं, एक यूजर ने लिखा, "यह चुनिंदा कार्रवाई है. सरोजिनी नगर मेट्रो स्टेशन के आसपास असली अतिक्रमण बरकरार हैं, क्योंकि वहां रोज पैसे का लेन-देन होता है." एक अन्य यूजर ने कहा, "पास में मॉल बनने के बाद से सरोजिनी का पतन शुरू हो गया था. हमें पता था कि स्ट्रीट वेंडर्स को हटाया जाएगा.

वहीं, कुछ लोगों ने इस अभियान का स्वागत किया और करोल बाग, लाजपत नगर जैसे स्थानों में भी ऐसी कार्रवाई की मांग की. एक पोस्ट में लिखा था, "सरोजिनी मध्यम वर्ग के लिए बेहतरीन खरीदारी स्थल है. उम्मीद है कि विक्रेताओं को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जाएगा.

"केवल दिखावटी कार्रवाई": व्यापारी संगठन

बीते 20 मई यानि कि मंगलवार को सरोजिनी मार्केट शॉपकीपर्स एसोसिएशन ने बयान जारी कर NDMC की आलोचना की. उन्होंने कहा, "कोर्ट के आदेशों के बावजूद @tweetndmc सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण नहीं हटा पा रहा. DMRC स्टेशन के आसपास फुटपाथ और सड़कों पर कब्जा बना हुआ है. केवल दिन में दिखावटी कार्रवाई हो रही है." एसोसिएशन ने यह भी घोषणा की कि मार्केट अभी भी खुला है और खरीदारों को वापस आने के लिए आमंत्रित किया.