दिल्ली में रहने वाले सभी मतदाताओं के लिए एक जरूरी सूचना सामने आई है. राजधानी में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR अभियान की शुरुआत हो चुकी है. इस अभियान का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि वोटर लिस्ट पूरी तरह सही और अपडेट रहे. इसी वजह से हर मतदाता को 29 जुलाई तक अपना एसआईआर गणना फॉर्म भरकर जमा करना होगा. यदि तय समय के भीतर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम हटने की संभावना भी बन सकती है.
सबसे राहत की बात यह है कि जो लोग फिलहाल दिल्ली से बाहर हैं या विदेश में रह रहे हैं, उनके लिए भी ऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. इससे किसी भी पात्र मतदाता को केवल अनुपस्थिति की वजह से परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.
दिल्ली के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ घर घर जाकर मतदाताओं को एसआईआर गणना फॉर्म की दो प्रतियां देंगे. एक प्रति भरकर बीएलओ को वापस देनी होगी, जबकि दूसरी प्रति रसीद के रूप में मतदाता अपने पास रख सकेगा. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुबह और शाम के समय लोगों के घर पहुंचें ताकि अधिक से अधिक लोगों से संपर्क हो सके. अभियान को सफल बनाने के लिए शनिवार और रविवार को भी घर घर जाकर सत्यापन किया जाएगा.
दिल्ली के हजारों लोग नौकरी, पढ़ाई या पारिवारिक कारणों से दूसरे राज्यों या विदेश में रहते हैं. ऐसे लोगों के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा दी गई है. मतदाता सीईओ दिल्ली की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर एसआईआर गणना फॉर्म भर सकते हैं. इसके साथ अपनी नई फोटो भी अपलोड करनी होगी. बाद में बीएलओ घर पहुंचकर जानकारी का सत्यापन करेंगे. सत्यापन पूरा होने के बाद मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में सुरक्षित रहेगा.
यदि किसी घर पर पहली बार जाने पर ताला लगा मिलता है तो बीएलओ एक बार नहीं बल्कि तीन अलग अलग अवसरों पर वहां पहुंचेगा. इसके बाद भी यदि कोई व्यक्ति नहीं मिलता तो उस पते को शिफ्टिंग श्रेणी में दर्ज किया जा सकता है. ऐसी स्थिति से बचने के लिए बाहर रहने वाले लोगों को समय रहते ऑनलाइन फॉर्म भर देना चाहिए ताकि उनका रिकॉर्ड अपडेट किया जा सके.
दिल्ली में ऐसे भी हजारों लोग हैं जिन्होंने पिछले वर्ष के बाद अपना घर बदल लिया है लेकिन वोटर लिस्ट में नया पता अपडेट नहीं कराया. ऐसे मामलों में बीएलओ पुराने पते पर पहुंचेगा और सत्यापन नहीं होने पर मतदाता को शिफ्टिंग श्रेणी में डाल सकता है. यदि नया पता अभी तक वोटर लिस्ट में दर्ज नहीं है तो ऐसे लोगों को जल्द से जल्द आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए. इससे भविष्य में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सकेगा.
यदि किसी कारण से किसी मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से हट जाता है तो घबराने की जरूरत नहीं है. एसआईआर अभियान समाप्त होने के बाद भी नए सिरे से नाम जुड़वाने की सुविधा उपलब्ध रहेगी. मतदाता ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं. हालांकि समय रहते फॉर्म भरना अधिक आसान और सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है.
इस अभियान के दौरान गणना फॉर्म जमा करते समय किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी. मतदाता को केवल फॉर्म में सही जानकारी भरनी है. इससे प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल बनाई गई है. यदि कोई व्यक्ति वर्ष 2002 के बाद दिल्ली में आकर बसा है तो उसे अपने पुराने राज्य की वोटर जानकारी भी फॉर्म में दर्ज करनी होगी ताकि रिकॉर्ड का सही मिलान किया जा सके.
निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार 5 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जाएगी. जिन लोगों ने निर्धारित समय तक एसआईआर फॉर्म जमा नहीं किया होगा, उनके नाम इस सूची से हटाए जा सकते हैं. इसके बाद आपत्तियां और दावे दर्ज करने की प्रक्रिया चलेगी. अंतिम वोटर लिस्ट 7 अक्टूबर को जारी की जाएगी.
राजधानी दिल्ली में इस समय लगभग 1.45 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं. इनमें 77.11 लाख पुरुष और 67.98 लाख महिला मतदाता शामिल हैं. इसके अलावा 1024 थर्ड जेंडर मतदाता और 76155 दिव्यांग मतदाता भी वोटर सूची का हिस्सा हैं. दिल्ली में कुल 7 लोकसभा क्षेत्र, 70 विधानसभा क्षेत्र और 13033 मतदान केंद्र हैं. इतने बड़े स्तर पर मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए 13000 से अधिक बीएलओ तैनात किए गए हैं.
यदि आपके घर बीएलओ पहुंचे तो उनका सहयोग करें और सही जानकारी के साथ एसआईआर फॉर्म भरकर समय पर जमा करें. यदि आप दिल्ली से बाहर हैं तो ऑनलाइन सुविधा का उपयोग करें. अगर आपने हाल ही में अपना पता बदला है तो उसे भी जल्द अपडेट कराएं. समय पर यह छोटी सी प्रक्रिया पूरी करके आप आने वाले चुनाव में बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे.