सोनम वांगचुक की तबीयत अब कैसी है? 23 दिन की भूख हड़ताल के बीच अस्पताल ने जारी की नई मेडिकल रिपोर्ट
23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं. अस्पताल की ओर से जारी ताजा मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक उनका ब्लड शुगर स्तर अब भी कम है.
नई दिल्ली: 23 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का इलाज दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जारी है. उनकी सेहत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं. अस्पताल की ओर से सोमवार शाम जारी मेडिकल बुलेटिन में बताया गया कि उनका ब्लड शुगर स्तर अभी भी कम है, लेकिन फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है. वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (VMMC), सफदरजंग अस्पताल और एम्स के डॉक्टर संयुक्त रूप से उनकी निगरानी कर रहे हैं. चिकित्सकों का कहना है कि किसी भी संभावित जटिलता से बचने के लिए लगातार मेडिकल मॉनिटरिंग जरूरी है. आगे का इलाज उनकी स्वास्थ्य प्रगति और जांच रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा.
मेडिकल बुलेटिन में क्या बताया गया?
अस्पताल के ताजा हेल्थ बुलेटिन के अनुसार सोनम वांगचुक उपचार का सकारात्मक जवाब दे रहे हैं. उन्हें ओआरएस और पोटैशियम सिरप दिए जाने के बाद खून से जुड़े अन्य मानकों में सुधार दर्ज किया गया है. हालांकि ब्लड शुगर स्तर अभी भी सामान्य से कम बना हुआ है. डॉक्टरों ने बताया कि उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन चौबीसों घंटे निगरानी जारी रहेगी.
डिहाइड्रेशन से उबर रहे हैं वांगचुक
डॉक्टरों के अनुसार वांगचुक हल्के से मध्यम स्तर के डिहाइड्रेशन से उबर रहे हैं. मेडिकल टीम का कहना है कि लंबे समय तक उपवास के कारण शरीर में अचानक बदलाव आ सकते हैं. इसलिए किसी भी संभावित जटिलता का समय रहते पता लगाने और उपचार के लिए लगातार क्लीनिकल मॉनिटरिंग आवश्यक है.
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अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी जारी रहेगी भूख हड़ताल
सोनम वांगचुक ने साफ किया है कि वह अपनी भूख हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे. उनका कहना है कि जब तक छात्र प्रतिनिधियों को संसद सदस्यों से मिलने की अनुमति नहीं मिलती या उन्हें अस्पताल से ही ऐसा करने की इजाजत नहीं दी जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों पर प्रतिक्रिया दे, तभी आंदोलन का उद्देश्य पूरा होगा.
सरकार और पुलिस से की यह अपील
वांगचुक ने हालिया प्रदर्शन के दौरान छात्रों द्वारा शांति बनाए रखने की सराहना की. उन्होंने सरकार और दिल्ली पुलिस से अपील की कि छात्रों को संसद के सामने अपनी बात रखने का अवसर दिया जाए. साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही भी तय की जाएगी.
'चलो संसद' मार्च से जुड़ा है आंदोलन
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल कथित परीक्षा पेपर लीक मामलों को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन से जुड़ी है. सोमवार को 'चलो संसद' मार्च में बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक शामिल हुए. प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद कई मामले दर्ज किए गए और मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई.