बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की अदालत में एक बेहद शर्मनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो रही वर्चुअल सुनवाई के दौरान लगातार तीन बार अश्लील (पोर्न वीडियो) चला दी गई. मामला इतना गंभीर है कि हाईकोर्ट प्रशासन ने तुरंत दिल्ली पुलिस की IFSO (इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस) यूनिट से संपर्क किया और जांच की मांग की है.
यह घटना तब हुई जब दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अदालत में एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई चल रही थी. अचानक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म पर कोई अज्ञात प्रतिभागी अश्लील वीडियो चलाने लगा. ऐसा एक बार नहीं बल्कि तीन बार हुआ. हैरानी की बात यह है कि जिस एकाउंट से यह सब हुआ, उस पर “you’ve been hacked” (आप हैक हो चुके हैं) का मैसेज भी आया. साथ ही एक ऑटोमेटेड ऑडियो मैसेज भी सुनाई दिया, जिसमें कहा गया कि सिस्टम हैक कर लिया गया है जिसके बाद अदालत का माहौल तनावपूर्ण हो गया.
दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट साइबर क्राइम और इंटेलिजेंस फ्यूजन के लिए जानी जाती है. इस यूनिट ने अब प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है. साइबर विशेषज्ञ सिस्टम लॉग्स (Logs) यानी पूरी डिजिटल डायरी, एक्सेस रिकॉर्ड्स और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सेटअप में मौजूद संभावित कमजोरियों की जांच करेंगे. जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर यह व्यवधान किसने किया, क्या कोर्ट के सिस्टम में सेंध लगी थी, या फिर किसी प्रतिभागी के अकाउंट का गलत इस्तेमाल हुआ. दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि मामला अभी शुरुआती चरण में है और आगे की जांच के बाद ही कुछ साफ होगा.
इस पूरी घटना ने एक बार फिर वर्चुअल कोर्ट सिस्टम की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. कोरोना काल के बाद वर्चुअल सुनवाई आम बात हो गई थी, लेकिन क्या यह सिस्टम अब हैकर्स के निशाने पर है? अदालतें जहां देश के सबसे गंभीर मामलों की सुनवाई करती हैं, वहां इस तरह की अश्लील सामग्री चलाना न केवल अदालत की गरिमा का उल्लंघन है, बल्कि यह साइबर सुरक्षा की बड़ी विफलता को भी दर्शाता है. हाईकोर्ट प्रशासन इस घटना को बेहद गंभीरता से ले रहा है और इस बात की पड़ताल कर रहा है कि आखिरकार वर्चुअल प्लेटफॉर्म तक ये दखलअंदाजी कैसे पहुंची.