नई दिल्ली: दिल्ली इस समय घने धुएं और धुंध की चादर में लिपटी हुई है. राजधानी की हवा इतनी जहरीली हो चुकी है कि सांस लेना मुश्किल हो गया है. आज दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 को पार कर गया, जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है. बावजूद इसके शहर में मैराथन और साइक्लिंग जैसी आउटडोर स्पोर्ट्स गतिविधियां आयोजित की गई. इस पर सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर सवाल उठाए और नाराजगी जताई.
एक वायरल पोस्ट में लिखा गया '400 AQI में मैराथन! कम से कम देश की छवि की फिक्र तो करें. ऐसे स्टंट किसी के लिए फायदेमंद नहीं हैं. कौन लोग हैं जो ऐसी चीज़ों की इजाजत दे रहे हैं? हमारी संवेदना कहाँ गई?'
यह पोस्ट उस वीडियो के जवाब में लिखा गया था, जिसमें अभिनेत्री अर्चना पूरण सिंह, हुमा कुरैशी, शेफाली शाह और सुनील ग्रोवर को ‘सेखों IAF मैराथन 2025’ को फ्लैग ऑफ करते हुए देखा गया. इस कार्यक्रम में 5 और 10 किलोमीटर की दौड़ शामिल थी.
एक अन्य सोशल मीडिया यूजर, जो खुद को मैराथन धावक बताते हैं, ने लिखा 'इस समय दिल्ली-एनसीआर में बाहर दौड़ना बेहद खतरनाक है. इस हवा में दौड़ने के बाद सर्दी, खांसी और बुखार होना तय है.' दूसरे यूजर ने लिखा, 'हमारी समझदारी कहाँ गई और GRAP (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) का क्या हुआ?' कुछ लोगों ने यह भी कहा कि जब लोग खुद अपनी सेहत की परवाह नहीं करते तो सरकार क्यों करे? इस जहरीली हवा में दौड़ना किसी आत्मघाती कदम से कम नहीं.
जानकारी के अनुसार, यह मैराथन भारतीय वायुसेना (IAF) की ओर से आयोजित की गई थी और इसे जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से फ्लैग ऑफ किया गया. इसी के साथ सप्ताहांत पर दिल्ली में दो और फिटनेस इवेंट हुए. द्वारका स्थित PNB हेड ऑफिस में “साइक्लोथॉन” और खेल मंत्रालय की पहल 'फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल', जिसका मकसद लोगों को स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन अपनाने के लिए प्रेरित करना था.
लेकिन इन आयोजनों ने एक कटु सच्चाई को उजागर कर दिया, जब दिल्ली की हवा में टहलना भी सेहत के लिए नुकसानदायक है, तब दौड़ना या साइकिल चलाना कितना खतरनाक हो सकता है.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, रविवार को दिल्ली की हवा ‘बेहद खराब’ रही. धीमी हवाओं के कारण प्रदूषण के कण शहर में फैल नहीं पाए. वजीरपुर ने सबसे खराब AQI दर्ज किया. विशेषज्ञों का अनुमान है कि 4 नवंबर तक हवा की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं होगा.