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'दिल्ली में ऐसे नियमों की अनदेखी आम बात है', मालवीय नगर अग्निकांड पर होटल मालिक का बड़ा कबूलनामा

दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित एक होटल में लगी आग में 21 लोगों की जान चली गई. पुलिस ने होटल मालिक को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ के दौरान कई सच्चाई बताई है.

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Edited By: Shanu Sharma
'दिल्ली में ऐसे नियमों की अनदेखी आम बात है', मालवीय नगर अग्निकांड पर होटल मालिक का बड़ा कबूलनामा
Courtesy: X (@Simpu_SinghIND)

दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित एक होटल में बुधवार को भीषण आग लगी, जिसमें 21 लोगों की मौत हो गई. इस दर्दनाक घटना के बाद होटल के मालिक लवकेश बजाज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. पुलिस को पूछताछ और जांच के बाद इस घटना में लवकेश बजाज की लापरवाही और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की जानकारी मिली है.

पुलिस पूछताछ में लवकेश बजाज ने स्वीकार किया कि होटल में केवल 6 कमरे चलाने की अनुमति थी, लेकिन उसने अवैध तरीके से कमरों की संख्या बढ़ाकर 25 कर दी थी. उसका मकसद अधिक किराया कमाना था. बजाज ने यह भी माना कि होटल को दमकल विभाग से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट प्राप्त नहीं था.

होटल के मालिक ने क्या कहा?

इस घटना ने कई परिवारों की जिंदगी खत्म कर दी. वहीं पूछताछ के दौरान होटल के मालिक ने दावा किया कि दिल्ली में ऐसे नियमों की अनदेखी आम बात है, इसलिए वह बिना किसी डर के यह सब कर पाया. बता दें कि होटल की इमारत पांच मंजिला थी. इसमें केवल एक ही दरवाजा था और सभी खिड़कियां सील्ड थीं. मिली जानकारी के मुताबिक प्रवेश द्वार सेंसर से चलता था. इन कारणों से आग लगने पर लोग फंस गए और बच निकलना मुश्किल हो गया. हादसा बुधवार को सुबह करीब 8:30 बजे हुआ और आग तेजी से फैल गई. इस घटना में दमकल कर्मियों, स्थानीय लोगों और बचाव दलों के सामूहिक प्रयास से 58 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया.

एक ही परिवार के कई लोगों की मौत

मिल रही जानकारी के मुताबिक मृतकों में नौ भारतीय नागरिक शामिल हैं, जिनमें एक ही परिवार के आठ सदस्य शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि आग लगते ही लवकेश बजाज मौके से भाग निकला. कई घंटों तक उसका कोई अता-पता नहीं चला. हालांकि जब पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि वह घबराहट में भाग गया था. घटना के बाद वह अपने घर नहीं गया, बल्कि शहर में इधर-उधर घूमता रहा. पुलिस ने बुधवार शाम को उसे गिरफ्तार कर लिया. बजाज ने पुलिस को बताया कि उसने करीब तीन साल पहले इस इमारत को आहलूवालिया नामक व्यक्ति से खरीदा था. उस समय यहां खादी स्टोर था और इमारत खस्ताहाल स्थिति में थी.