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Delhi Building Collapse: 50 से ज्यादा छात्र दबे? दिल्ली के सत्य निकेतन में गिरने वाली बिल्डिंग में चल रहा था हॉस्टल

दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार दोपहर एक हॉस्टल वाली बिल्डिंग गिर गई. मलबे में कई छात्रों के दबे होने की आशंका है. दमकल और राहत दल मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
Delhi Building Collapse: 50 से ज्यादा छात्र दबे? दिल्ली के सत्य निकेतन में गिरने वाली बिल्डिंग में चल रहा था हॉस्टल
Courtesy: @ANI X Account

नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक बिल्डिंग अचानक भरभराकर गिर गई. हादसा करीब दोपहर 1 बजकर 30 मिनट के आसपास होने की जानकारी सामने आई है. बिल्डिंग में हॉस्टल संचालित होने की वजह से कई छात्रों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है. हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाडियां मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया.

घटना के बाद इलाके में अफरा तफरी का माहौल बन गया. आसपास रहने वाले लोग भी मौके पर पहुंच गए और राहत एवं बचाव कार्य में मदद करने लगे. शुरुआती जानकारी के अनुसार, मलबे से एक युवक को सुरक्षित बाहर निकाला गया है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हादसे के समय बिल्डिंग के अंदर कितने लोग मौजूद थे.

क्या जताई जा रही आशंका?

बताया जा रहा है कि जिस इमारत में हादसा हुआ, उसमें हॉस्टल चल रहा था. सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के नजदीक स्थित है और इलाके में बड़ी संख्या में छात्र पीजी और हॉस्टल में रहते हैं. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि बिल्डिंग में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुछ छात्र भी मौजूद हो सकते हैं.

क्या लिया गया एक्शन?

दिल्ली में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है. बारिश के बीच बिल्डिंग गिरने की घटना के बाद आसपास की दूसरी इमारतों को भी सुरक्षा के लिहाज से खाली कराया गया है. प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि कहीं दूसरी इमारतों को भी किसी तरह का खतरा तो नहीं है.

स्थानीय लोगों ने क्या बताया?

हादसे की जानकारी मिलते ही दिल्ली प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. दमकल और अन्य राहत दल मलबे को सावधानी से हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, बिल्डिंग गिरने के बाद आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य में जुट गए.

सत्य निकेतन एक घना रिहायशी और छात्र बहुल इलाका है. यहां कई शैक्षणिक संस्थानों के आसपास पीजी और हॉस्टल संचालित होते हैं. इसलिए इस तरह की घटना ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और भवनों की स्थिति को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है.

फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है. राहत और बचाव अभियान जारी है. बिल्डिंग गिरने की वास्तविक वजह और हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए हैं, इसकी पूरी जानकारी रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही सामने आने की उम्मीद है.