नई दिल्ली: दुर्गा पूजा का नाम सुनते ही भव्य पंडाल, मां दुर्गा की मनमोहक प्रतिमाएं, ढाक की गूंज और स्वादिष्ट बंगाली पकवानों की तस्वीर आंखों के सामने आने लगती है. कोलकाता में इस त्योहार की रौनक देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं, लेकिन दिल्ली में रहने वालों को ऐसी खुशियों के लिए लंबा सफर तय करने की जरूरत नहीं है. राजधानी के कई इलाकों में दुर्गा पूजा का उत्सव खास अंदाज में मनाया जाता है.
दिल्ली में दुर्गा पूजा की चर्चा सीआर पार्क के बिना अधूरी मानी जाती है. यहां के मेला ग्राउंड का पंडाल अपने विशाल आकार और भव्य प्रतिमाओं के लिए जाना जाता है. मां दुर्गा के दर्शन करने के बाद आसपास लगे खाने-पीने के स्टॉल त्योहार का आनंद और बढ़ा देते हैं. यहां काठी रोल और पुचका जैसे लोकप्रिय बंगाली व्यंजनों का स्वाद लेना भी पंडाल घूमने के अनुभव को खास बना सकता है.
अगर आपको हर साल कुछ नया देखने का शौक है, तो सीआर पार्क का बी-ब्लॉक पंडाल पसंद आ सकता है. यहां की खास थीम और पर्यावरण को ध्यान में रखकर की जाने वाली सजावट इसे अलग पहचान देती है.
मिंटो रोड की दुर्गा पूजा वर्ष 1940 से आयोजित की जा रही है. यहां का माहौल पारिवारिक मिलन जैसा महसूस हो सकता है. तेज संगीत और भव्य सजावट के बजाय पारंपरिक पूजा, स्वादिष्ट भोग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर खास ध्यान दिया जाता है.
आधुनिक सजावट और बड़ी-बड़ी थीम के बजाय पारंपरिक पूजा पसंद करने वालों के लिए सीआर पार्क काली मंदिर एक खास जगह है. यहां कोलकाता से आए कारीगरों द्वारा तैयार की गई मां दुर्गा की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र रहती है.
पूर्वी दिल्ली में आयोजित मिलानी दुर्गा पूजा अपनी कलात्मक थीम और आकर्षक सजावट के लिए जानी जाती है. यहां की रोशनी और पंडाल का डिजाइन उत्सव के माहौल को और खूबसूरत बना देते हैं. अगर आपको तस्वीरें खींचना पसंद है, तो यह जगह आपकी पंडाल हॉपिंग सूची में शामिल हो सकती है
ग्रेटर कैलाश-2 का दुर्गोत्सव उन लोगों को आकर्षित कर सकता है, जो पूजा के साथ उत्सव की ऊर्जा भी महसूस करना चाहते हैं. यहां धुनुची नृत्य और ढाक की पारंपरिक थाप माहौल को खास बनाते हैं.
अगर आप बहुत ज्यादा भीड़ से बचकर मां दुर्गा के दर्शन करना चाहते हैं, तो दक्षिणायन, जीके-2 पर विचार कर सकते हैं. यहां पूजा के बाद आसपास की छोटी दुकानों से साड़ियां और ट्रेंडी जूलरी खरीदने का विकल्प भी मिलता है.
आराम बाग की दुर्गा पूजा अपने विशाल पंडाल और चमकदार रोशनी के लिए आकर्षित करती है. यहां का माहौल किसी बड़े मेले जैसा महसूस हो सकता है. बच्चों के साथ घूमने जाने वाले परिवारों को आसपास की रौनक और उत्सव का वातावरण पसंद आ सकता है.