नई दिल्ली: जिस जगह पर लोग प्रोटेस्ट करने बेखौफ पहुंच जाते थे, अब वो जगह विरोध-प्रदर्शन के लिए नहीं रही. दिल्ली पुलिस ने सोमवार को घोषणा कर कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी की मशहूर जगह जंतर-मंतर अब विरोध-प्रदर्शन की जगह नहीं रही. साथ ही, पुलिस ने तीन अन्य जगहें भी बताई हैं, जहां पर विरोध प्रदर्शन किए जा सकेंगे.
बता दें कि इस आदेश पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने साइन कर दिए हैं. आदेश में कहा गया है कि पूर्वी दिल्ली में रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और CBD मैदान को अब विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने के लिए नई जगहों के तौर पर तय किया गया है. इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने नागरिकों के विरोध प्रदर्शन के लिए जो तय जगह बनाई है, उसके अलावा बाकी जगहों की जांच करने के लिए एक समिति भी बनाई है.
भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने नागरिकों के विरोध-प्रदर्शन के अधिकार के लिए मौजूदा "तय जगह" के अलावा अन्य उपयुक्त जगहों की जांच करने के लिए एक समिति बनाई थी. समिति की सिफारिशों के आधार पर, जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की जगह के तौर पर हटा दिया गया है. विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने के लिए तीन नई जगहों - रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और CBD ग्राउंड (पूर्वी दिल्ली) - को तय किया गया है. इन तीन जगहों पर विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत और संशोधित SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) अलग से जारी की जाएगी. (दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार द्वारा जारी सूचना)
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 12, 2026Also Read
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गृह मंत्रालय ने कहा है कि जंतर-मंतर के अलावा दूसरी जगहों की पहचान करने के लिए जहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जा सके, एक समिति बनाई थी. अब सरकार ने तीन वैकल्पिक जगहें तय की हैं. इन जगहों पर धरना-प्रदर्शन आयोजित करने के लिए नई गाइडलाइन (SOP) अलग से जारी की जाएगी. यह फैसला 28 अप्रैल 2022 को जारी पुराने आदेश में बदलाव के तहत लिया गया है.
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया था. पार्टी ने वोटर लिस्ट के SIR में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाया है. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था.
वहीं, भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) ने भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी. पुलिस के इनकार के बाद संगठन ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया. युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने 1 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस के फैसले को चुनौती दी थी. हाई कोर्ट ने पुलिस को 13 अक्टूबर तक जवाब देने का समय दिया है.