नई दिल्ली: जंतर-मंतर एक बार फिर सुर्खियों में है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और सह-संयोजक आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने यहां से हिरासत में ले लिया. बताया जा रहा है कि दोनों अपने कुछ साथियों के साथ प्रदर्शन के इरादे से पहुंचे थे. यह कार्रवाई ऐसे वक्त हुई है, जब इस ऐतिहासिक स्थल पर धरना-प्रदर्शन पर पाबंदी का मामला पहले से अदालत की चौखट पर है. अब सबकी नजर पुलिस की अगली कार्रवाई और हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी है.
जानकारी के मुताबिक सौरव दास, आशुतोष रांका और सीजेपी के कुछ अन्य सदस्य जंतर-मंतर के पास स्थित जेडीयू दफ्तर के परिसर की ओर से भीतर दाखिल हुए. इसके बाद वे गेट से कूदकर जंतर-मंतर के एक हिस्से में पहुंच गए. वहां मौजूद दिल्ली पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया. सूत्रों का कहना है कि इस मामले में पुलिस एफआईआर भी दर्ज कर सकती है.
आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक वीडियो साझा किया है. इसमें 'भारत माता की जय' के नारे सुनाई दे रहे हैं. साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की जा रही है. वीडियो सामने आने के बाद इस घटना को लेकर चर्चा और तेज हो गई है.
Ashutosh Ranka and Saurav Das couldn’t even bring 20 people to Jantar Mantar this morning, yet they talk about bringing the entire country out onto the streets. Their protest didn’t even last 10 seconds before they were detained. Looks like CJP’s days are over. Will these two sign another bail bond after today’s detention?
— Amit Kumar Sindhi (@AMIT_GUJJU) October 13, 2026Also Read
इससे पहले शनिवार को भी सीजेपी के तीन सदस्यों अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को गिरफ्तार किया गया था. तीनों ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन करने वाले थे. लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों को विमान से ही हिरासत में ले लिया था. यानी चार दिनों में यह दूसरा मौका है, जब इन नेताओं पर पुलिस की कार्रवाई हुई.
सोमवार को दिल्ली पुलिस ने बड़ा फैसला लेते हुए जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दी. सुरक्षा कारणों का हवाला दिया गया है. अब प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी ग्राउंड तय किए गए हैं. इस फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में आज सुनवाई होगी. कोर्ट प्रदर्शन के दौरान 'बाहरी लोगों' के घुसने और प्रदर्शनकारियों को परेशान किए जाने के आरोपों वाली एक अन्य याचिका पर भी साथ में सुनवाई करने को राजी हुआ है.